नीट यूजी 2026 पेपर लीक: परीक्षा रद्द होने पर एनएसयूआई और अभाविप ने उठाई एनटीए की जवाबदेही

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: परीक्षा रद्द होने पर एनएसयूआई और अभाविप ने उठाई एनटीए की जवाबदेही

सारांश

नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द हो गई — और इसके साथ ही लाखों छात्रों का एक साल की मेहनत पर सवाल खड़ा हो गया। एनएसयूआई और अभाविप दोनों ने एनटीए की जवाबदेही, स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

नीट यूजी 2026 परीक्षा, जो 3 मई को हुई थी, पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई।
एनएसयूआई ने एनटीए बंद करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे स्कैम की स्वतंत्र जाँच की माँग की।
एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक नेटवर्क की पहचान और जवाबदेही तय होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सोलंकी ने निष्पक्ष व समयबद्ध जाँच और दोषियों को कठोर सजा की माँग की।
नीट यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथि अभी तक घोषित नहीं हुई है।

नई दिल्ली में 12 मई 2026 को देशभर के छात्र संगठनों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। 3 मई को आयोजित इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया, जिससे देशभर के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को मानसिक व आर्थिक झटका लगा है।

परीक्षा रद्द होने का असर

छात्रों का कहना है कि साल भर की कड़ी मेहनत और भारी खर्च के बाद परीक्षा का इस तरह रद्द होना उनके भविष्य के साथ गहरा अन्याय है। लाखों अभ्यर्थी पूरे वर्ष इस परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे और अब उन्हें फिर से शुरुआत करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

एनएसयूआई की माँगें

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का कहना है कि उनके निरंतर संघर्ष के बाद सरकार को नीट परीक्षा रद्द करनी पड़ी। संगठन का स्पष्ट मत है कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से न्याय पूरा नहीं होगा। एनएसयूआई ने माँग की है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को बंद किया जाए, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और पूरे पेपर लीक स्कैम की स्वतंत्र जाँच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि परीक्षा का रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी बड़े स्तर पर हुई थी, लेकिन अभी भी यह सवाल अनुत्तरित है कि कौन से बड़े समूह इस पेपर लीक में शामिल थे। उन्होंने कहा कि जब तक पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क, एनटीए की जवाबदेही और इस पूरी मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी।

अभाविप की चिंता और माँगें

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने भी नीट यूजी 2026 से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि विभिन्न रिपोर्टों में सामने आई जानकारी ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गहरी आशंका उत्पन्न की है।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सोलंकी ने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके मनोबल और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। उन्होंने माँग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।

केंद्रीय एजेंसियों से जाँच की माँग

दोनों छात्र संगठनों ने केंद्रीय एजेंसियों से जाँच कराने और परीक्षा माफियाओं के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की माँग की है। साथ ही, जाँच पूरी होने तक एनटीए से पारदर्शिता बनाए रखने और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करने की अपेक्षा की गई है।

गौरतलब है कि अभाविप लगातार यह माँग करती रही है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए। यह नीट यूजी 2025 के बाद लगातार दूसरा बड़ा विवाद है, जो भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली की संरचनागत कमज़ोरियों को उजागर करता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल नीट यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं हुई है। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई और एनटीए सुधार सुनिश्चित नहीं हुए, तो आंदोलन और तेज होगा। लाखों छात्रों का भविष्य अब सरकार के अगले कदम पर टिका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की संरचनागत खामियों का प्रतिबिंब है। एनटीए पर लगातार दूसरे वर्ष गंभीर आरोप लगना यह संकेत देता है कि समस्या प्रशासनिक लापरवाही से कहीं गहरी है। दोनों प्रमुख छात्र संगठनों — एनएसयूआई और अभाविप — का एक साथ आवाज उठाना राजनीतिक सीमाओं से परे इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित करता है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार केवल परीक्षा रद्द करने से आगे बढ़कर एनटीए की संरचना में मूलभूत सुधार करेगी, या यह चक्र अगले वर्ष फिर दोहराया जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
नीट यूजी 2026 परीक्षा, जो 3 मई 2026 को हुई थी, पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। विभिन्न रिपोर्टों में सामने आई जानकारी के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए।
एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले में क्या माँगें रखी हैं?
एनएसयूआई ने एनटीए को बंद करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे पेपर लीक स्कैम की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। संगठन का कहना है कि जब तक पेपर लीक नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होती, छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा।
अभाविप ने नीट विवाद पर क्या रुख अपनाया है?
अभाविप ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व समयबद्ध जाँच और दोषियों को कठोर सजा की माँग की है। संगठन ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा और प्रश्नपत्र गोपनीयता को और मजबूत बनाया जाना चाहिए।
नीट यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथि कब घोषित होगी?
अभी तक नीट यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथि की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। छात्र और अभिभावक सरकार व एनटीए की ओर से स्पष्ट समयसीमा का इंतज़ार कर रहे हैं।
एनटीए पर इससे पहले भी विवाद हो चुके हैं?
हाँ, नीट यूजी 2025 के दौरान भी एनटीए पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। यह लगातार दूसरा बड़ा विवाद है, जो भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली की संरचनागत कमज़ोरियों को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस