नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: नवीन पटनायक ने बताया 'विश्वासघात', बीजद ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: नवीन पटनायक ने बताया 'विश्वासघात', बीजद ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा

सारांश

नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा रद्द होना राजनीतिक तूफान बन गया है। बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने इसे 22 लाख छात्रों के साथ विश्वासघात बताया और बीजद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। पार्टी का आरोप है कि पिछले छह वर्षों में नीट चार बार रद्द हो चुकी है।

मुख्य बातें

एनटीए ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की खबरों के बाद रद्द कर दी।
नवीन पटनायक ने इसे 22 लाख उम्मीदवारों के साथ विश्वासघात बताया और तत्काल जवाबदेही की माँग की।
बीजद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग नैतिक आधार पर की।
बीजद का आरोप — पिछले छह वर्षों में नीट परीक्षा चार बार रद्द की जा चुकी है।
परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी, नई तारीख अभी घोषित नहीं।

ओडिशा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने मंगलवार, 12 मई 2026 को नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों के विश्वास पर एक बड़ा आघात करार दिया। प्रश्नपत्र लीक की खबरों के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित यह परीक्षा रद्द कर दी, जिससे 22 लाख से अधिक उम्मीदवार सीधे प्रभावित हुए हैं।

पटनायक का बयान: 'यह विश्वासघात है'

पटनायक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि जब परीक्षाओं की पवित्रता से समझौता होता है, तो यह केवल एक चूक नहीं है — यह उन लाखों उम्मीदवारों के साथ विश्वासघात है, जिन्होंने अनुशासन से पढ़ाई की, सुख-सुविधाओं का त्याग किया और तैयारी के लिए रातों की नींद हराम की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लीक से संदेह बढ़ता है, चिंता बढ़ती है और निष्पक्षता की उम्मीद रखने वाले मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है।

पटनायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचाया था। बार-बार होने वाली ये घटनाएँ एनटीए की संस्थागत क्षमता और केंद्र सरकार की परीक्षा-सुरक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बीजद की धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग राजनीतिक दृष्टि से अपेक्षित है, लेकिन असली जवाब यह है कि 22 लाख छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए प्रणालीगत सुधार कब होंगे — व्यक्तिगत इस्तीफों से परे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद रद्द कर दी। परीक्षा अब अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी।
नवीन पटनायक ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने इसे लाखों उम्मीदवारों के साथ विश्वासघात बताया जिन्होंने अनुशासन से पढ़ाई की और रातों की नींद हराम की। उन्होंने तत्काल जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने की माँग की।
बीजद ने किसके इस्तीफे की माँग की और क्यों?
बीजद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग नैतिक आधार पर की। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक आम बात हो गई है और पिछले छह वर्षों में नीट चार बार रद्द हो चुकी है।
नीट-यूजी 2026 से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
बीजद के अनुसार, इस परीक्षा रद्द होने से लगभग 22 लाख छात्र सीधे प्रभावित हुए हैं। ये वे उम्मीदवार हैं जिन्होंने मेडिकल प्रवेश के लिए नीट-यूजी 2026 में भाग लिया था।
नीट परीक्षा पहले भी रद्द हुई है?
बीजद के आरोप के अनुसार, पिछले छह वर्षों में नीट परीक्षा चार बार रद्द की जा चुकी है। 2024 में भी नीट पेपर लीक का बड़ा विवाद सामने आया था जो सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा था।
राष्ट्र प्रेस