नीट यूजी 2026 पेपर लीक: एनएसयूआई का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों में भारी आक्रोश — शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: एनएसयूआई का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों में भारी आक्रोश — शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक फिर से — दूसरे साल, वही माफिया, वही लापरवाही। 600 अंकों का प्रश्नपत्र टेलीग्राम-व्हाट्सएप पर सर्कुलेट, परीक्षा रद्द, और लाखों छात्रों का भविष्य अधर में। एनएसयूआई ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की।

मुख्य बातें

नीट यूजी 2026 परीक्षा, जो 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई।
600 अंकों का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर सर्कुलेट हुआ।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
2024 में भी नीट यूजी पेपर लीक हुआ था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
देशभर में — दिल्ली , राजस्थान , जम्मू-कश्मीर सहित — छात्रों और संगठनों में तीव्र आक्रोश का माहौल है।

नई दिल्ली में 12 मई 2026 को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें सैकड़ों परीक्षार्थी शामिल हुए। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी 2026) को परीक्षा-पूर्व पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दिया गया है, जिससे देशभर के लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

पेपर लीक का मामला और परीक्षा रद्द होने का फैसला

भारत सरकार की मंजूरी से एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, 600 अंकों का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए गेस पेपर के रूप में छात्रों के बीच सर्कुलेट हो गया था। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है — 2024 में भी नीट यूजी पेपर लीक का मामला सामने आया था, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बार भी वही इतिहास दोहराता दिखा, जिससे परीक्षार्थियों और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है।

एनएसयूआई का प्रदर्शन और विनोद जाखड़ के तीखे सवाल

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार सिस्टम उतनी ही ढिलाई से जवाब देता है। असली सवाल यह नहीं कि परीक्षा रद्द हुई या नहीं, बल्कि यह है कि पेपर लीक माफिया इतने सालों से बेखौफ कैसे काम कर रहा है। एनटीए को जवाबदेह बनाने के लिए कोई स्वतंत्र ऑडिट तंत्र नहीं है, और शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी इस संकट को और गहरा करती है। जब तक परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार नहीं होते और दोषियों को कठोर दंड नहीं मिलता, लाखों छात्रों का भरोसा इस व्यवस्था से उठता रहेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द किया गया। 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा का 600 अंकों का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर सर्कुलेट हो गया था, जिसके बाद भारत सरकार की मंजूरी से एनटीए ने इसे रद्द करने का फैसला किया।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर एनएसयूआई की क्या माँग है?
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने सरकार से पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की भी माँग की है।
क्या पहले भी नीट पेपर लीक हुआ था?
हाँ, 2024 में भी नीट यूजी का पेपर लीक हुआ था। परीक्षार्थियों और संगठनों का आरोप है कि उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण 2026 में यह घटना फिर दोहराई गई।
नीट यूजी 2026 रद्द होने से किन छात्रों पर असर पड़ा?
देशभर के उन लाखों छात्रों पर असर पड़ा है जो पिछले दो साल से नीट यूजी की तैयारी कर रहे थे। इनमें से हजारों ऐसे हैं जिनके माता-पिता ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित देशभर के परीक्षार्थी प्रभावित हैं।
नीट यूजी 2026 के बाद अब आगे क्या होगा?
परीक्षा रद्द होने के बाद पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है। छात्र और संगठन सरकार से जल्द से जल्द पारदर्शी प्रक्रिया के साथ नई परीक्षा तिथि घोषित करने और पेपर लीक माफिया पर कठोर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस