नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की, विशेष टीमें जाँच में जुटीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर 12 मई 2026 को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र से संबंधित दस्तावेजों के अनधिकृत प्रसार का आरोप लगाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई 2026 को नीट-यूजी 2026 परीक्षा आयोजित की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही नीट-यूजी 2026 से जुड़े कुछ दस्तावेज अनधिकृत रूप से प्रसारित हो गए थे। एनटीए को इस संबंध में सूचनाएँ प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने सीबीआई से जाँच का अनुरोध किया।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुई एफआईआर
सीबीआई ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के अंतर्गत दर्ज किया है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
जाँच का दायरा और विशेष टीमें
सीबीआई ने इस मामले में व्यापक जाँच शुरू कर दी है। विशेष टीमें गठित कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है ताकि कथित अनियमितताओं की प्रकृति और सीमा का पता लगाया जा सके। जाँच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान करना है। गौरतलब है कि सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान के लिए गहन जाँच की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया पर असर
इन आरोपों से नीट-यूजी 2026 परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और उनके भविष्य का सवाल इससे सीधे जुड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि 2024 में भी नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक विवाद में घिरी थी, जिसने पूरे देश में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया था। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और गिरफ्तारियों पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।