नीट यूजी 2026 पेपर लीक: 7 मई को मिली थी अनियमितताओं की सूचना, 23 लाख छात्रों की फीस होगी वापस
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नीट यूजी 2026 परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की पहली सूचना 7 मई 2026 की देर शाम मिली थी — यानी परीक्षा के पूरे चार दिन बाद। इसके बाद एजेंसी ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया है और 23 लाख से अधिक पंजीकृत छात्रों की फीस वापस करने की घोषणा की है। दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए भी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अनियमितताओं की सूचना और तत्काल कार्रवाई
NTA के अनुसार, 7 मई की देर शाम उसे परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के संबंध में कुछ सूचनाएँ प्राप्त हुईं। इन्हें अगले ही दिन — 8 मई की सुबह — स्वतंत्र जाँच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया। एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए GPS निगरानी और वॉटरमार्क तकनीक का उपयोग किया था, इसके बावजूद प्रश्न लीक होने की खबरें सामने आईं।
छात्रों को फीस वापसी और पुनः परीक्षा की व्यवस्था
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि मई 2026 परीक्षा चक्र में भरी गई सभी जानकारी, अर्हता और चुने गए परीक्षा केंद्र स्वतः आगे मान्य रहेंगे। छात्रों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। दोबारा परीक्षा के लिए नया प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा और पूरी समय-सारणी एनटीए द्वारा अलग से साझा की जाएगी। दोबारा परीक्षा कराने का सम्पूर्ण खर्च NTA अपने आंतरिक संसाधनों से वहन करेगी।
सीबीआई जाँच और पारदर्शिता का आश्वासन
इस पूरे मामले की व्यापक जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। NTA ने कहा है कि वह जाँच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है और सभी तकनीकी डेटा व आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें।
आम छात्रों पर असर
नीट यूजी परीक्षा में 23 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, जिनके लिए यह परीक्षा मेडिकल प्रवेश का एकमात्र राष्ट्रीय द्वार है। परीक्षा रद्द होने से उन्हें मानसिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर असुविधा होगी। एनटीए ने इस असुविधा को स्वीकार करते हुए कहा कि यह निर्णय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अपरिहार्य था। छात्रों की शंकाओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन और ईमेल सुविधा जारी रखी गई है।
आगे क्या होगा
दोबारा परीक्षा की नई तिथियाँ जल्द आधिकारिक रूप से घोषित की जाएंगी। CBI की जाँच के नतीजे और NTA की आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट यह तय करेगी कि भविष्य में इस तरह की चूक को रोकने के लिए क्या संरचनात्मक बदलाव किए जाएंगे। यह मामला भारत की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की एक बड़ी परीक्षा भी है।