योगी सरकार का बड़ा फैसला: काफिले में 50% कटौती, ईंधन और सोने की खपत घटाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 मई 2026 को लखनऊ में शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में व्यापक मितव्ययिता निर्देश जारी किए। इनमें सरकारी काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती, ईंधन खपत में कमी और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आह्वान शामिल है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसाधन संरक्षण के राष्ट्रीय आह्वान के अनुरूप उठाया गया है।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने स्वयं, राज्य के मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के वाहन-बेड़े में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की और आधिकारिक काफिलों से सभी गैर-ज़रूरी वाहनों को हटाने का आदेश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सांसदों और विधायकों सहित सभी जनप्रतिनिधियों को सप्ताह में कम से कम एक बार सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए।
वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल बैठकें
प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बड़े स्टार्टअप को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त, राज्य सचिवालय और निदेशालयों में होने वाली कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी बैठकें, सेमिनार और कार्यशालाएँ अब ऑनलाइन आयोजित की जानी चाहिए।
ऊर्जा और परिवहन पर ध्यान
ऊर्जा लागत घटाने के लिए राज्य सरकार का ध्यान पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), मेट्रो रेल सेवाओं और इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता बनी हुई है और ईंधन आयात पर निर्भरता कम करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है।
आम जनता से अपील
मुख्यमंत्री की यह अपील केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं है — उन्होंने राज्य के निवासियों से भी ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आग्रह किया। वैश्विक मामलों में अस्थिरता का हवाला देते हुए उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान परिस्थितियों में सामूहिक सावधानी और वित्तीय अनुशासन अनिवार्य है।
पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में घरेलू पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 'विजिट माय स्टेट' अभियान की शुरुआत की, जिसमें राज्य की समृद्ध विरासत और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थलों का लाभ उठाया जाएगा। गौरतलब है कि यह कदम घरेलू अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले हफ्तों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।