उत्तर प्रदेश जेम पोर्टल पर खरीद में सबसे आगे, सीएम योगी ने की नीति की सराहना

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उत्तर प्रदेश जेम पोर्टल पर खरीद में सबसे आगे, सीएम योगी ने की नीति की सराहना

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश की खरीद नीति की समीक्षा की और केंद्र सरकार की सराहना का उल्लेख किया। इस नीति ने सरकारी क्रय में पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाया है।

Key Takeaways

  • उत्तर प्रदेश ने जेम पोर्टल पर खरीद में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22,337 करोड़ की खरीद की गई।
  • सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान 55 प्रतिशत हो गया है।
  • महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • सरकारी क्रय प्रक्रियाओं में 80 प्रतिशत की शिकायतें कम हुई हैं।

लखनऊ, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए क्रय एवं 26 नवंबर, 2024 को जारी जेम क्रय नीति की बुधवार को समीक्षा की। इस अवसर पर सीएम ने बताया कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम क्रय नीति की प्रशंसा की है।

समीक्षा के दौरान सीएम को जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार ने इसे आदर्श नीति घोषित किया है और अन्य राज्यों को भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। इस नीति के परिणामस्वरूप सरकारी क्रयों में शुचिता, पारदर्शिता और समावेशिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश सरकार को लगातार आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22,337 करोड़ की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की गई, जो सरकार की पारदर्शी नीति को प्रमाणित करती है। उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। इस वृद्धि में उत्तर प्रदेश आधारित सूक्ष्म और लघु उद्योग का योगदान 82 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि जेम पोर्टल की रिवर्स ऑक्शन पद्धति के जरिए 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। इसके साथ ही महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों के व्यवसाय में 48 प्रतिशत और स्टार्टअप उद्यमियों के व्यवसाय में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। इस पारदर्शी प्रक्रिया के कारण सरकारी क्रय प्रक्रियाओं में शिकायतें 80 प्रतिशत से अधिक कम हुई हैं, जिससे क्रय प्रक्रिया अधिक त्वरित और प्रभावी बन पाई है।

बेहतर जेम क्रय प्रणाली के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के क्रेताओं को कुल 42,648 करोड़ का व्यवसाय प्राप्त हुआ। इसमें से 15,617 करोड़ का व्यवसाय उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुआ, जबकि शेष 27 हजार से अधिक का व्यवसाय केंद्र सरकार और अन्य राज्यों द्वारा मिला। यह राज्य सरकार के विक्रेताओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

सीएम योगी को राज्य के जेम पोर्टल पर यूपी के शीर्ष 10 विभाग द्वारा की गई खरीद के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अन्य विभाग भी अनिवार्य जेम पोर्टल पर खरीद को प्रभावी बनाएं। उन्होंने राज्य की क्रय प्रक्रिया को और बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए जेम पोर्टल को कोषागार से एकीकृत करने और केंद्रीय व्यवस्था के अनुरूप पद आधारित स्थायी क्रय समिति का गठन करने का निर्देश दिया, जिससे क्रय प्रक्रिया सुव्यवस्थित, उत्तरदायी, पारदर्शी और त्वरित हो सके।

Point of View

बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विकास के प्रति कितनी संवेदनशील है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

जेम पोर्टल क्या है?
जेम पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां सरकारी खरीद की प्रक्रियाएं पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं।
उत्तर प्रदेश ने जेम पोर्टल पर कितनी खरीद की है?
उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से 22,337 करोड़ की खरीद की है।
जेम नीति का क्या महत्व है?
जेम नीति का महत्व सरकारी खरीद में शुचिता, पारदर्शिता और समावेशिता को बढ़ाने में है।
महिला उद्यमियों के व्यवसाय में कितनी वृद्धि हुई है?
महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान कितना है?
उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान 55 प्रतिशत है।
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