तेजस्वी यादव का आरोप: बिहार के सत्ताधारियों को कुर्सी की चिंता, प्रदेश की नहीं
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पटना, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को सत्ताधारी गठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें बिहार की नहीं, बल्कि कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसकी चिंता है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर दोहराते हुए कहा कि हमने पहले ही कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने नहीं दिया जाएगा, और अब वही हो रहा है। चुनाव के समय ये नेता बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार की भूमिका को सीमित कर दिया गया है और उन्हें राज्यसभा भेजा गया है, बिना उनकी इच्छा के। जदयू के बड़े नेताओं ने जो समझौता किया है, चाहे वह सीबीआई और ईडी का डर हो या लालच, उन नेताओं ने तो नीतीश कुमार को फंसा दिया है। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा कि नई सरकार चाहे कितनी भी बन जाए, लेकिन उसे जनादेश नहीं मिलेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को बिहार से कोई सरोकार नहीं है। बिहार में कैबिनेट की बैठकें नहीं हो रही हैं। किसानों की परेशानियों और बर्बाद हो रही फसलों पर सरकार की कोई चिंता नहीं है। कानून व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है। अस्पतालों में दवा की कमी है, और शिक्षा व्यवस्था बदहाल है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि सरकार को ‘तंत्र-मंत्र’ से बनाया गया है और इसमें जनता के जनादेश की अनदेखी की गई है। शनिवार को पटना में राष्ट्रीय जनता दल के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित भव्य अभिनंदन समारोह में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने लोगों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज ने हमेशा उनका साथ दिया है। कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को समझने की आवश्यकता है और समाज को बांटने वाली भाषा का विरोध होना चाहिए।