ईरान ने अमेरिका के वादे तोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया, शांति वार्ता जारी

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ईरान ने अमेरिका के वादे तोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया, शांति वार्ता जारी

सारांश

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान एक सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा है कि वे अमेरिका के वादे तोड़ने को नहीं भूले हैं। यह स्थिति इस्लामाबाद में चल रही वार्ता के बावजूद गहरे अविश्वास का संकेत देती है।

Key Takeaways

  • ईरान ने अमेरिका के वादे तोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया है।
  • बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने अपने अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
  • बातचीत में गहरे अविश्वास के संकेत हैं।
  • बातचीत की सफलता गंभीरता और अच्छे विश्वास पर निर्भर करती है।

तेहरान, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं के दौरान, ईरान ने एक सख्त रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा कि ईरान अमेरिका के पिछले वादे तोड़ने को “न भूला है और न भूलेगा”, जिससे इस्लामाबाद में हो रही बातचीत के बावजूद गहरे अविश्वास की स्थिति का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति ने एक राउंड की बातचीत में नतीजे की उम्मीद नहीं की थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में, बाकई ने कहा, “हमारी डिप्लोमेसी ईरानी भूमि के रक्षकों के पवित्र जिहाद को जारी रखने के लिए है।” उन्होंने अमेरिका द्वारा किए गए वादे तोड़ने और अन्य गलत कामों के अनुभवों को न भूलने की बात की। इसी तरह, उन्होंने कहा कि ईरान ने दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान अमेरिका और यहूदी शासन द्वारा किए गए जघन्य अपराधों को भी माफ नहीं किया है।

हालांकि, ईरान ने बातचीत के आरंभ से पहले यह दोहराया है कि अमेरिका के साथ विश्वास की कमी है। उन्होंने बातचीत को तेज और लंबी बताया और कहा, “आज इस्लामाबाद में ईरान के प्रतिनिधिमंडल के लिए एक व्यस्त और लंबा दिन था।” पाकिस्तान की सकारात्मक कोशिशों और मध्यस्थता से शुरू हुई गहरी बातचीत अब तक बिना किसी रुकावट के जारी है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई संदेशों और टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल के दृढ़ इरादों पर जोर देते हुए, बाकई ने कहा, “ईरानी वार्ताकार अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी क्षमता, अनुभव और जानकारी का उपयोग कर रहे हैं।” हमारे प्रियजनों और साथी देशवासियों के बड़े नुकसान ने ईरान के हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के हमारे इरादे को पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया है।

ईरान के मजबूत रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी चीज हमें अपने प्यारे देश और महान ईरानी सभ्यता के लिए अपने ऐतिहासिक मिशन को आगे बढ़ाने से नहीं रोक सकती।” ईरान अपने देश के हितों की सुरक्षा और भलाई की रक्षा के लिए डिप्लोमेसी समेत सभी तरीकों का उपयोग करने का पक्का इरादा रखता है।

बाकई के अनुसार, पिछले २४ घंटों में हुई बातचीत में होरमुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर प्रोग्राम, युद्ध में हर्जाना, पाबंदियों में राहत और चल रहे क्षेत्रीय झगड़ों को खत्म करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, “इस डिप्लोमैटिक प्रक्रिया की सफलता दूसरी तरफ की गंभीरता और अच्छे विश्वास पर निर्भर करती है।”

बातचीत के नए दौर के समाप्त होने पर, पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान और अमेरिका के बीच एक और राउंड की बातचीत होगी, जिसके समय और स्थान को लेकर अब तक कुछ तय नहीं हुआ है। शनिवार को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर १ बजे शुरू हुई बातचीत १४ घंटे से अधिक चली, जिसमें लगातार संदेश और ड्राफ्ट टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ।

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह बातचीत लगातार मतभेदों के बीच हुई है। हालांकि कुछ प्रारंभिक प्रगति हुई है, फिर भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं, जिसका मुख्य कारण ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से बेतुकी और अधिक शर्तें हैं।

Point of View

दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं, जिससे वार्ता की सफलता की संभावना कम होती है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका के वादे तोड़ने पर कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि वे इसे नहीं भूलेंगे।
बातचीत में कौन-कौन से मुद्दों पर चर्चा हुई?
बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर प्रोग्राम, युद्ध में हर्जाना और पाबंदियों में राहत जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
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