बेटियों को दहेज के लालचियों से बचाओ: अक्षरा सिंह का नया गाना 'दहेजवा कसाई'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भोजपुरी सिनेमा में अब बदलाव का एक नया दौर देखने को मिल रहा है। अब इस उद्योग में महिलाओं पर केंद्रित और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्में बन रही हैं। अक्षरा सिंह, आम्रपाली दुबे, अंजना सिंह और रानी चटर्जी जैसी कलाकारों में बिना प्रमुख भूमिका के भी फिल्म को हिट कराने की क्षमता है।
अब फिल्में पारिवारिक कहानियों से हटकर सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करने वाली बनती जा रही हैं। इसी कड़ी में अक्षरा सिंह का नया गाना 'दहेजवा कसाई' रिलीज हुआ है, जो दिल को छू जाने वाला है। इसे देखकर किसी भी माता-पिता या बेटी की आंखों में आंसू आना तय है।
हालांकि समाज में आधुनिकता का आगमन हो चुका है, परंतु कुछ प्रथाएं आज भी लड़कियों के परिवारों के लिए अभिशाप बनी हुई हैं। दहेज प्रथा उनमें से एक है। अक्षरा सिंह का नया गाना 'दहेजवा कसाई' दहेज के लालची ससुराल वालों की दुष्टता और बेटी की बेबस स्थिति पर आधारित है, जिसे बहुत सराहा जा रहा है।
गाने के बोल बेहद भावुक हैं, जिसमें दहेज की लालच में ससुराल वाले अक्षरा को परेशान कर रहे हैं क्योंकि वह गरीब परिवार से आती हैं और दहेज नहीं लाई हैं। इसके परिणामस्वरूप, वे उनके साथ मारपीट करते हैं और अपनी मांगों की लिस्ट बनाकर उन्हें लाने को कहते हैं।
बेचारी अक्षरा अपने घरवालों से ससुराल वालों की डिमांड पूरी करने के लिए फोन करती हैं, लेकिन कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाती। गाने में गरीब परिवार की व्यथा को भी अच्छी तरह दर्शाया गया है।
गाने के बोल नृपजीत सिंह ने लिखे हैं और इसे गोलू डी ने गाया है। यह गाना अक्षरा सिंह की नई फिल्म 'अम्बे है मेरी मां' का हिस्सा है। यह फिल्म पहले ही टीवी पर रिलीज हो चुकी है और जीआरपी में टॉप पर रही। फिल्म में अक्षरा की मां अम्बे के प्रति भक्ति को दिखाया गया है, जिसमें मां अम्बे अपनी प्रिय भक्त को मुश्किलों से निकालने के लिए चमत्कार करती हैं। यह फिल्म पारिवारिक और दिल को छू लेने वाली है।
फिल्म में अक्षरा सिंह के अलावा पाखी हेगडे, राकेश बाबू, देव सिंह, प्रेम दुबे, विद्या सिंह, राम सुजान सिंह, निशा सिंह और निशा तिवारी भी हैं। फिल्म का निर्देशन प्रवीण कुमार गुडूरी ने किया है और इसके निर्माता संदीप सिंह, पंकज तिवारी और अश्वनी शर्मा हैं।