अक्षरा सिंह की नई फिल्म 'अम्बे है मेरी मां' का ट्रेलर लॉन्च, दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त संदेश
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है।
- अक्षरा सिंह की मुख्य भूमिका और पाखी हेगड़े का महत्वपूर्ण किरदार।
- मां अम्बे की भक्ति के जरिए कहानी में गहराई।
- ट्रेलर में पारिवारिक ड्रामा और नैतिक शिक्षा का समावेश।
मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भोजपुरी सिनेमा की प्रसिद्ध अदाकारा अक्षरा सिंह एक नई और बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अम्बे है मेरी मां' लेकर आ रही हैं। इस फिल्म में अक्षरा की मुख्य भूमिका है जबकि पाखी हेगड़े मां अम्बे के किरदार में नजर आएंगी। शुक्रवार को फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है। इस फिल्म के माध्यम से निर्देशक ने दहेज प्रथा और लड़के वालों की बढ़ती मांग के चलते लड़कियों के प्रति हो रहे बुरे व्यवहार पर ध्यान केंद्रित किया है।
यह फिल्म एक ऐसी लड़की की कहानी पर आधारित है, जिसकी अडिग भक्ति के चलते मां अम्बे उसे कभी अकेला नहीं छोड़ती। 4 मिनट 52 सेकंड का ट्रेलर बेहद प्रभावशाली है।
ट्रेलर की शुरुआत अक्षरा के बचपन से होती है, जब उसके चाचा-चाची उसे घर के सभी काम करवाते हैं लेकिन फिर भी उसे अच्छा खाना नहीं देते। इसके बावजूद, वह मां अम्बे की भक्ति में लीन रहती है, जिसके कारण मां अम्बे उसकी मदद करती हैं।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, अक्षरा बड़ी होती है और उसकी शादी की चर्चाएं होती हैं। एक दिन उसे शादी का रिश्ता मिलता है, और वह मां अम्बे से कहती है कि वह शादी में अवश्य आएं। इसके बाद मां अम्बे मौसी के रूप में प्रकट होती हैं। लेकिन शादी के बाद जब ससुराल वालों को पता चलता है कि दहेज में कुछ नहीं आया है, तो वे गुस्से में अक्षरा को घर से निकाल देते हैं। दुखी होकर, वह मां अम्बे के पास जाती है और अपनी समस्या बताती है। तब मां अम्बे एक चमत्कार करती हैं और ससुराल का घर दहेज से भर देती हैं।
जब ससुराल वालों को यह पता चलता है कि अक्षरा की 'मौसी' धनी हैं, तो वे और भी अधिक दहेज की मांग करते हैं। जब अक्षरा इनकार कर देती है, तो वे उसे मारपीट करते हैं। यह सब देखकर मां अम्बे क्रोधित होकर उन्हें सख्त सबक सिखाती हैं और दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठाती हैं।
ट्रेलर से यह स्पष्ट होता है कि इस फिल्म की कहानी पुरानी हिंदी फिल्मों की तरह है, जिसमें देवी-भक्ति, पारिवारिक ड्रामा और नैतिक शिक्षा पर जोर दिया गया है।
इस फिल्म का निर्देशन प्रवीण कुमार गुडूरी ने किया है और इसमें अक्षरा तथा पाखी के अलावा कई अन्य कलाकार जैसे राकेश बाबू, देव सिंह, प्रेम दुबे आदि शामिल हैं। हालाँकि, फिल्म की रिलीज की तारीख के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है।