सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के उद्घाटन समारोह में राजपाल यादव, मुकेश ऋषि समेत सितारों का जमावड़ा, लेट पेमेंट पर उठे सवाल

Click to start listening
सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के उद्घाटन समारोह में राजपाल यादव, मुकेश ऋषि समेत सितारों का जमावड़ा, लेट पेमेंट पर उठे सवाल

सारांश

मुंबई में सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के उद्घाटन पर राजपाल यादव, मुकेश ऋषि और उपासना सिंह एक मंच पर आए। लेट पेमेंट की जंजीर, डबल शिफ्ट की थकान और दादा साहेब के नाम के दुरुपयोग — कलाकारों ने बेबाकी से उन मुद्दों को उठाया जो आमतौर पर पर्दे के पीछे दबे रहते हैं।

Key Takeaways

सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट और CINTAA का संयुक्त अभिनंदन एवं उद्घाटन समारोह 30 अप्रैल को मुंबई में आयोजित हुआ। राजपाल यादव ने घोषणा की कि 60 वर्षों से सिनेमा में योगदान देने वाले कलाकारों की देखभाल सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट करेगा। कुनिका लाल सदानंद ने बताया कि 45 से 90 दिन में पेमेंट का नियम होने के बावजूद चैनल-प्रोड्यूसर-विज्ञापन की श्रृंखला से देरी होती है। मुकेश ऋषि ने डबल शिफ्ट और दूरदराज से आने वाले कलाकारों की परेशानियों का मुद्दा उठाया। उपासना सिंह ने दादा साहेब फाल्के के नाम पर बनाए जा रहे नए पुरस्कारों के दुरुपयोग पर चिंता जताई।

मुंबई, 30 अप्रैल को सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अभिनंदन समारोह एवं संस्थापक न्यासी मंडल के उद्घाटन कार्यक्रम में फिल्म और टेलीविज़न जगत के कई जाने-माने चेहरे एकत्रित हुए। इस अवसर पर कलाकारों के हितों, लेट पेमेंट की समस्या और शूटिंग शिफ्ट की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई।

मंच पर सितारों का जमावड़ा

समारोह में अभिनेता राजपाल यादव, मुकेश ऋषि, अभिनेत्री उपासना सिंह और कुनिका लाल सदानंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच पर राजपाल यादव काफी भावुक नज़र आए और उन्होंने CINTAA को वह द्वार बताया जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा में प्रवेश का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि दादा साहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव रखी और उनके बाद जन्मे दिग्गज कलाकारों का अभिनय जन्म-जन्मांतर तक स्मरणीय रहेगा।

कलाकारों की सुरक्षा का संकल्प

राजपाल यादव ने घोषणा की कि जिन कलाकारों ने सिनेमा को 60 वर्ष दिए हैं, उन्हें अपनी या अपने परिवार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि उनकी देखभाल सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट करेगा। यह बयान उन वरिष्ठ कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्वासन है जो अपने करियर के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा का सामना करते हैं।

लेट पेमेंट की समस्या पर कलाकारों की राय

पेमेंट में देरी के मुद्दे पर राजपाल यादव ने कहा कि यह समस्या केवल सिनेमा तक सीमित नहीं, बल्कि हर व्यापार में देखने को मिलती है — कुछ का काम समय पर निपट जाता है और कुछ के काम में देरी हो जाती है।

अभिनेत्री कुनिका लाल सदानंद ने इस मुद्दे पर अधिक विस्तार से अपनी बात रखी। उनका कहना था कि सिस्टम को बदल पाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने बताया कि पहले यह तय किया गया था कि 45 से 90 दिनों के भीतर पेमेंट अनिवार्य है, लेकिन चैनल प्रोड्यूसर को देरी से भुगतान करते हैं और चैनलों को विज्ञापन राजस्व भी समय पर नहीं मिलता — यह एक श्रृंखलाबद्ध व्यवस्था की तरह काम करती है जिसे तोड़ पाना आसान नहीं।

शूटिंग शिफ्ट और कलाकारों की परेशानियाँ

अभिनेता मुकेश ऋषि ने शूटिंग शिफ्ट की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि शूटिंग अलग-अलग शिफ्टों में होती है, लेकिन कुछ कलाकारों को बहुत दूर से आना पड़ता है और उनके पास अपना साधन भी नहीं होता। डबल शिफ्ट की वजह से ऐसे कलाकारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, और एसोसिएशन इन समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

दादा साहेब के नाम पर अवॉर्ड्स के दुरुपयोग पर चिंता

अभिनेत्री उपासना सिंह ने CINTAA की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह एसोसिएशन हमेशा कलाकारों के हितों में काम करती आई है और उनकी मुश्किलों को कम करने में सहायक रही है। दादा साहेब फाल्के के नाम पर नए पुरस्कारों के चलन पर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि लोग इस महान नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं — असली दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड एकमात्र और अत्यंत दुर्लभ सम्मान है जो बहुत किस्मत वालों को मिलता है, और एक ही महान हस्ती के नाम पर अलग-अलग पुरस्कार नहीं आने चाहिए। यह आयोजन कलाकारों की बेहतरी के लिए एक सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन में है — क्योंकि बॉलीवुड में कलाकारों के कल्याण के नाम पर संस्थाएँ पहले भी बनी हैं और समय के साथ निष्क्रिय हो गई हैं। लेट पेमेंट की समस्या पर कुनिका लाल सदानंद का विश्लेषण सटीक है — यह महज़ इच्छाशक्ति का नहीं, बल्कि पूरे मीडिया-विज्ञापन-प्रसारण तंत्र की संरचनात्मक खामी का मामला है। दादा साहेब फाल्के के नाम के दुरुपयोग पर उपासना सिंह की चिंता वाजिब है, लेकिन इस पर कानूनी रोक की माँग अभी तक मुखर नहीं हुई — यही असली खामी है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट क्या है?
सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट एक संस्था है जो फिल्म और टेलीविज़न उद्योग के कलाकारों, विशेषकर वरिष्ठ कलाकारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए काम करती है। 30 अप्रैल को मुंबई में इसके संस्थापक न्यासी मंडल का उद्घाटन किया गया।
कलाकारों को लेट पेमेंट की समस्या क्यों होती है?
अभिनेत्री कुनिका लाल सदानंद के अनुसार, चैनल प्रोड्यूसर को देरी से भुगतान करते हैं क्योंकि उन्हें स्वयं विज्ञापन राजस्व समय पर नहीं मिलता। यह एक श्रृंखलाबद्ध व्यवस्था है जिसमें 45 से 90 दिन का नियम होने के बावजूद देरी होती रहती है।
राजपाल यादव ने समारोह में क्या कहा?
राजपाल यादव ने CINTAA को अपने करियर की शुरुआत का आधार बताया और भावुक होते हुए कहा कि जिन कलाकारों ने सिनेमा को 60 वर्ष दिए हैं, उनकी देखभाल अब सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट करेगा।
दादा साहेब फाल्के के नाम पर पुरस्कारों के दुरुपयोग पर क्या कहा गया?
अभिनेत्री उपासना सिंह ने चिंता जताई कि लोग दादा साहेब फाल्के के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार असली दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड एकमात्र और दुर्लभ सम्मान है, और एक ही महान हस्ती के नाम पर अलग-अलग पुरस्कार नहीं बनाए जाने चाहिए।
मुकेश ऋषि ने शूटिंग शिफ्ट की किस समस्या का ज़िक्र किया?
मुकेश ऋषि ने बताया कि डबल शिफ्ट में काम करने वाले कई कलाकार दूरदराज से आते हैं और उनके पास अपना वाहन नहीं होता, जिससे उन्हें गंभीर असुविधा होती है। एसोसिएशन इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश में है।
Nation Press