सीएम योगी ने पुलिस भर्ती परीक्षा और त्योहारों के लिए कानून व्यवस्था पर दिए सख्त निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती परीक्षा और त्योहारों के लिए कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
- आपूर्ति और वितरण में कोई कमी नहीं है, यह सुनिश्चित किया गया है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी की जाएगी।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लखनऊ, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को हाल के वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीज़ल की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्हें बताया गया कि प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति और वितरण सामान्य है।
सीएम योगी ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आम जन को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाये। उन्होंने कहा कि कहीं घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बने। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर निरीक्षण करते रहें। मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आगामी पर्वों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ काम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14-15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इस अवधि में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी सतर्कता से निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों।
उन्होंने कहा कि किसी भी नई परंपरा को शुरू करने की अनुमति न दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के कारण आम जन को असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 एवं 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अन्य जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि कहीं जाम या अव्यवस्था न बने। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहेंगे और इंटेलिजेंस तंत्र पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहेगा। परीक्षा से पहले सभी जिलों में व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराया जाए और सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तुरंत खंडन किया जा सके।
सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात रहे और जिला प्रशासन भर्ती बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए। चैत्र नवरात्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर), ललिता देवी (सीतापुर) सहित प्रमुख शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। अयोध्या में 27 मार्च को श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसीलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करे। मुख्यमंत्री ने मीरजापुर, बलरामपुर, सीतापुर, अयोध्या, मथुरा और सहारनपुर के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 19 मार्च को राष्ट्रपति का अयोध्या और मथुरा आगमन प्रस्तावित है, जिसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।