योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भर्ती में पारदर्शिता और कार्य योजना पर जोर दिया, 81,000 पदों पर भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती के लिए युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना सामने आई है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर भर्ती की योजना है। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश में एक सक्षम और आधुनिक पुलिस बल विकसित करने का एक व्यापक अभियान बताया। गुरुवार रात, उन्होंने पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों की गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा भी की।
राजधानी लखनऊ में, मुख्यमंत्री ने राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण के निर्देश दिए, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नई ऊर्जा बनी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, पारदर्शी कार्यप्रणाली और सक्षम मानव संसाधनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षा का एक मजबूत और भरोसेमंद वातावरण मिल सके।
बैठक में बताया गया कि उपनिरीक्षक, आरक्षी सिविल पुलिस, रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, और पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय) जैसे विभिन्न पदों पर 81,000 से अधिक भर्तियाँ प्रस्तावित हैं। इनमें से कुछ की प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को निर्देश दिए कि सभी सीधी भर्तियां पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित आरक्षण प्रावधानों के अनुसार समयबद्ध तरीके से संपन्न की जाएं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया ताकि युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
पीआरवी-112 सेवा की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) की रणनीतिक स्थानों पर तैनाती और इनके निरंतर मूवमेंट को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीआरवी का संचालन इस प्रकार होना चाहिए कि आम जनता में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो और अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश जाए। वर्तमान में लगभग 6 मिनट का औसत रिस्पांस टाइम और कम करने के लिए तकनीक, डेटा आधारित पेट्रोलिंग और फील्ड समन्वय को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन और आपात सेवा की समीक्षा में, वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 42,000 अग्निकांडों पर नियंत्रण, 10,000 से अधिक आपात घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और लगभग 800 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में कम से कम एक हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने 'एक तहसील-एक फायर टेंडर' के लक्ष्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
साइबर क्राइम मुख्यालय की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से 425.7 करोड़ रुपये की धनराशि सुरक्षित की गई। इस वर्ष कुल 3,91,340 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2,40,015 शिकायतें उसी वर्ष दर्ज की गईं तथा 7,287 मामलों में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 की कॉल हैंडलिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जहां औसतन 1,709 कॉल प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 7,467 कॉल प्रतिदिन तक पहुंच गई है। कुल कॉल्स में लगभग 59 प्रतिशत मामलों का प्रभावी निस्तारण किया गया है। प्रशिक्षण के अंतर्गत 65,608 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया और 84,705 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक तकनीक आधारित, त्वरित और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने प्रदेशभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाने, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने और 1930 हेल्पलाइन को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए।
पुलिस रेडियो विभाग से संबंधित जानकारी में बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिसमें 63 जनपदों में डिजिटलीकरण पूर्ण हो चुका है। नवनियुक्त 936 प्रधान परिचालकों का प्रशिक्षण जल्द ही शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संचार व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की समीक्षा में सेंट्रल क्रैक टीम के गठन एवं केस मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से जांच की निगरानी को सुदृढ़ करने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने वित्तीय अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए।
अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की समीक्षा में विवेचना और अभियोजन कार्यों में प्रगति की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने सीआईडी सेक्टरों को और व्यवस्थित करने तथा अपराध संबंधी नए कानूनों के अनुरूप विवेचना प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नागरिक सुरक्षा विभाग में प्रदेश के सभी जनपदों में इकाइयों का गठन किया गया है और लगभग 7,500 स्वयंसेवकों की भर्ती की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे जनभागीदारी आधारित सशक्त तंत्र के रूप में विकसित करने पर बल दिया।
राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने में उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी गई। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 2325 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और तकनीकी निगरानी को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।