क्या लड़कियों में चयन पर उत्साह है? सीएम योगी की निष्पक्ष नीति से बनीं देश की सिपाही

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क्या लड़कियों में चयन पर उत्साह है? सीएम योगी की निष्पक्ष नीति से बनीं देश की सिपाही

सारांश

उत्तर प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती में लड़कियों को शामिल किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की पारदर्शिता और निष्पक्ष नीति ने युवाओं खासकर लड़कियों में रोजगार का नया अवसर दिया है। जानिए कैसे इस भर्ती प्रक्रिया ने बदल दी युवतियों की जिंदगी।

मुख्य बातें

60,244 नव चयनित सिपाही नियुक्त किए गए हैं।
12,000+ लड़कियों को नियुक्ति मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की प्रशंसा।
रोजगार में पारदर्शिता और निष्पक्षता का योगदान।
लड़कियों को आत्मनिर्भरता का अवसर मिला है।

लखनऊ, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार पुलिस विभाग में इतनी विशाल संख्या में युवाओं को एक साथ नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 60,244 नव चयनित सिपाहियों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस नियुक्ति प्रक्रिया में 12 हजार से अधिक लड़कियों को भी रोजगार का अवसर मिला है। इससे प्रदेश भर में खासकर युवतियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। नव चयनित अभ्यर्थियों ने एक सुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की प्रशंसा की।

बरेली की लवी चौहान ने कहा कि हमें मेहनत का फल मिला है। सीएम योगी की वजह से ईमानदारी से भर्ती संभव हो सकी है। एक भी रुपए कहीं देने की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं, बरेली की इजमा बी ने कहा कि पहली बार योग्यता के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में नौकरी मिली है। प्रीति अपने परिवार की पहली सरकारी नौकरी पाने वाली युवती बन गई हैं। उन्होंने कहा, यह सब सीएम योगी की नीतियों की वजह से संभव हो पाया है।

फिरोजाबाद की नीति यादव और बरेली की राधा पाल ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब बेटियों को बराबरी का अवसर मिल रहा है। योगी सरकार की ईमानदार व्यवस्था से हजारों युवाओं के घरों में रोजगार का उजाला पहुंचा है। यह ऐतिहासिक भर्ती अभियान योगी सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की मिसाल बनकर उभरा है। जहां एक ओर युवाओं को रोजगार मिला, वहीं दूसरी ओर लड़कियों को भी सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह मिली।

प्रयागराज के अनुराग शर्मा ने बताया कि पहले की सरकार के दौरान पैसे वालों को ही नौकरी मिलती थी, लेकिन अब मेहनत करने वालों को मौका मिल रहा है। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था का परिणाम है।

अमेठी के निवासी अखिलेश यादव ने बताया कि वे अपने परिवार के पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है। यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीतियों के कारण ही संभव हो पाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। योगी सरकार की यह पहल निश्चित रूप से युवाओं के भविष्य के लिए एक उम्मीद की किरण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस भर्ती प्रक्रिया की खासियत क्या है?
यह भर्ती प्रक्रिया न केवल पारदर्शी है, बल्कि इसमें एक साथ इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को शामिल किया गया है।
क्या लड़कियों को नौकरी पाने में कोई बाधा थी?
इस प्रक्रिया में लड़कियों को समान अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों का क्या प्रभाव है?
उनकी नीतियां रोजगार सृजन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सहायक हैं।
राष्ट्र प्रेस