मणिपुर में LPG-पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर सरकार ने 12 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। साथ ही, सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जारी की है।
गलत सूचनाओं पर सरकार का जवाब
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के निदेशक युमनाम नेल्सन ने बताया कि विभाग ने मणिपुर में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कमी को लेकर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं पर संज्ञान लिया है। उनके अनुसार, ये भ्रामक और निराधार दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं तथा आम जनता में अनावश्यक दहशत पैदा कर रहे हैं।
इंडियन ऑयल की पुष्टि
इंफाल स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के राज्य स्तरीय समन्वयक ने भी पुष्टि की है कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। निदेशक नेल्सन ने बताया कि मणिपुर भर में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। IOCL ने स्पष्ट किया कि एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों का वितरण बिना किसी बाधा के चल रहा है।
उपभोक्ताओं से अपील
निदेशक युमनाम नेल्सन ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे घबराएँ नहीं और एलपीजी सिलेंडरों तथा पेट्रोलियम उत्पादों की अनावश्यक जमाखोरी से बचें, क्योंकि ऐसी गतिविधियाँ दुर्घटनाओं और गंभीर सुरक्षा खतरों को जन्म दे सकती हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कंटेनर या जेरीकैन में पेट्रोल और डीजल खरीदना सख्त वर्जित है।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और वितरण से जुड़ी किसी भी अनियमित गतिविधि में शामिल पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले तेल पंपों और खुदरा दुकानों के विरुद्ध भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य में सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें तेज़ी से फैल रही थीं।
आगे क्या होगा
विभाग ने संकेत दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला पर निगरानी बनाए रखी जाएगी और किसी भी अनियमितता की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मणिपुर सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत स्रोतों से ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें।