पश्चिम एशिया तनाव के बीच केंद्र सरकार का ईंधन आपूर्ति पर महत्वपूर्ण अपडेट: एलपीजी सप्लाई सामान्य और 4.32 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच, केंद्र सरकार ने ईंधन आपूर्ति के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। सरकार ने बताया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल, और डीजल की सप्लाई सामान्य है, और इस पर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
सोमवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब पूरे उद्योग में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुगम हो गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है, और रविवार को अधिकांश डिस्ट्रीब्यूटरों ने अपनी सेवाएं जारी रखीं ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो।
सरकार ने आगे बताया कि मार्च 2026 से अब तक देशभर में 1.28 लाख से अधिक छापेमारी की गई है, जिसमें 59,000 से ज्यादा गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 1,000 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं और 238 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की अनावश्यक खरीद से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। इसके साथ ही, लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने और ऊर्जा की बचत करने की सलाह दी गई है। सरकार ने पीएनजी, इलेक्ट्रिक, और इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा देने की बात की है।
ईंधन आपूर्ति की स्थिति पर सरकार ने आश्वासन दिया है कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी, और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, कमर्शियल एलपीजी में प्राथमिकता अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मा, स्टील, और कृषि जैसे क्षेत्रों को दी गई है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई भी बढ़ाई गई है।
सरकार ने बताया कि रिफाइनरी पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी तेजी देखी जा रही है। मार्च 2026 से अब तक लगभग 4.32 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और 4.75 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है। 31,700 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी छोड़कर पीएनजी का उपयोग शुरू किया है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।