पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की सप्लाई सामान्य: 28 अप्रैल को 50.8 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर वितरित, सरकार का आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया गया कि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एक दिन में 50.8 लाख सिलेंडर वितरित
सरकारी बयान के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को देश भर में 50.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। इसके साथ ही 73,000 से अधिक 5 किलोग्राम के छोटे एफटीएल सिलेंडर भी उपभोक्ताओं तक पहुँचाए गए। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग दर लगभग 98 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो डिजिटल माध्यम से माँग की मज़बूती को दर्शाती है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग चौबीसों घंटे उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी दी जा रही है। उन्होंने किसी भी क्षेत्र में कमी की खबर से इनकार किया।
पारदर्शिता और कालाबाज़ारी पर सख्ती
डिलीवरी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अब 94 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी में लागू हो चुका है। यह कोड उपभोक्ता के मोबाइल पर भेजा जाता है, जिससे गैस की हेराफेरी पर अंकुश लगाया जा सके।
जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए एक ही दिन में देश भर में 2,200 से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMC) ने 325 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया और 72 वितरकों को निलंबित किया। इसके अलावा कई वितरकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
छोटे सिलेंडर और वाणिज्यिक माँग में उछाल
5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की माँग तेज़ी से बढ़ी है। फरवरी 2026 में जहाँ 21.7 लाख सिलेंडर बिके थे, वहीं 1 अप्रैल से अब तक 21.05 लाख सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है। सरकारी तेल कंपनियों ने 3 अप्रैल से 9,550 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 1.59 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे गए।
अप्रैल 2026 में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री 1.84 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही, जो लगभग 96.86 लाख 19 किलोग्राम सिलेंडरों के बराबर है। 28 अप्रैल को अकेले 8,838 मीट्रिक टन एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई।
ऑटो एलपीजी की माँग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जनवरी-फरवरी 2026 में जहाँ औसत बिक्री 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी, वह अप्रैल 2026 में बढ़कर 353 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई — यानी लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि।
पीएनजी विस्तार और वैकल्पिक ईंधन
सरकार वैकल्पिक ईंधनों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। मार्च 2026 से अब तक 5.69 लाख नए पीएनजी (PNG) कनेक्शन शुरू किए जा चुके हैं और 2.65 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। कुल कनेक्शन अब 8.34 लाख तक पहुँच चुके हैं। इसके अलावा 42,950 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पीएनजी को अपनाया है।
गौरतलब है कि 9 अप्रैल से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई और मथुरा की रिफाइनरियों से 8,900 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपलीन और 950 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट की आपूर्ति रसायन, फार्मा और पेंट उद्योगों को की जा चुकी है।
सरकार की नागरिकों से अपील
केंद्र सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और अफवाहों से बचें। उपभोक्ताओं को डिजिटल बुकिंग अपनाने और पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी जारी रहेगी और किसी भी असामान्य स्थिति में तत्काल कदम उठाए जाएँगे।