सेंसेक्स 582 अंक टूटा, निफ्टी 23,997 पर बंद; अमेरिका-ईरान तनाव से क्रूड उछला

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सेंसेक्स 582 अंक टूटा, निफ्टी 23,997 पर बंद; अमेरिका-ईरान तनाव से क्रूड उछला

सारांश

अमेरिका-ईरान तनाव और ब्रेंट क्रूड की उछाल ने गुरुवार को भारतीय बाज़ार को हिला दिया — सेंसेक्स 582 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला। मेटल, PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर सबसे ज़्यादा दबाव में रहे, जबकि IT और फार्मा ने मामूली राहत दी। यह सप्ताह का दूसरा बिकवाली सत्र रहा।

Key Takeaways

बीएसई सेंसेक्स 30 अप्रैल को 582.86 अंक ( 0.75% ) गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी50 180.10 अंक ( 0.74% ) फिसलकर 23,997.55 पर आया। निफ्टी मेटल में 2.12% की सबसे बड़ी सेक्टोरल गिरावट; निफ्टी आईटी 0.37% बढ़त के साथ एकमात्र बड़ा विजेता। बजाज ऑटो 5.19% उछाल के साथ निफ्टी50 का शीर्ष गेनर रहा। अमेरिका द्वारा ईरान का शांति प्रस्ताव खारिज और होर्मुज जलडमरूमध्य नाकाबंदी सख्त करने से ब्रेंट क्रूड में तेज उछाल आया। यह इस सप्ताह का दूसरा कारोबारी सत्र रहा जब घरेलू बाज़ार में व्यापक बिकवाली देखी गई।

बीएसई सेंसेक्स गुरुवार, 30 अप्रैल को 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 180.10 अंक (0.74 प्रतिशत) फिसलकर 23,997.55 पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आने से वैश्विक बाज़ारों में दबाव बना, जिसका असर घरेलू बाज़ार पर भी पड़ा। यह इस सप्ताह का दूसरा कारोबारी सत्र रहा जब भारतीय शेयर बाज़ार में व्यापक बिकवाली देखी गई।

इंट्रा-डे उतार-चढ़ाव

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स 77,014.21 पर खुला और 77,254.33 का इंट्रा-डे हाई तथा 76,258.86 का इंट्रा-डे लो दर्ज किया। निफ्टी50 23,996.95 पर खुलकर 24,087.45 के उच्च स्तर और 23,796.85 के निम्न स्तर को छुआ। इस प्रकार दोनों प्रमुख सूचकांकों ने दिन के अंत में अपने निचले स्तरों से कुछ सुधार किया, लेकिन हरे निशान में वापसी नहीं हो सकी।

व्यापक बाज़ार और सेक्टरवार प्रदर्शन

व्यापक बाज़ारों में भी मंदी का रुख रहा — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी (0.37 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी फार्मा (0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त) को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे।

निफ्टी मेटल में 2.12 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.68 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.35 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि धातु क्षेत्र की यह गिरावट वैश्विक माँग में सुस्ती की आशंकाओं को भी दर्शाती है।

टॉप गेनर्स और लूज़र्स

निफ्टी50 के 50 शेयरों में से 15 में तेजी और 34 में गिरावट रही, जबकि 1 शेयर में कोई बदलाव नहीं हुआ। बजाज ऑटो के शेयर 5.19 प्रतिशत की उछाल के साथ सबसे बड़े गेनर रहे। इसके अलावा सन फार्मा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, मारुति और कोटक बैंक के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।

दूसरी ओर, टीएमपीवी, इटरनल, हिंडाल्को, एचयूएल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, श्रीराम फाइनेंस और ट्रेंट के शेयर सबसे अधिक दबाव में रहे।

अमेरिका-ईरान तनाव: असली वजह

खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी को और सख्त करने का निर्देश दिया है। इसके परिणामस्वरूप ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसने वैश्विक बाज़ारों में निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बाज़ार पहले से ही वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपनाए हुए थे।

आगे की दिशा

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक अमेरिका-ईरान तनाव में कमी नहीं आती और क्रूड कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक घरेलू बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नज़र अब वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू तिमाही नतीजों पर भी टिकी रहेगी।

Point of View

000 के नीचे फिसलना महज एक दिन की घटना नहीं — यह उस व्यापक भू-राजनीतिक जोखिम का संकेत है जिसे बाज़ार अब नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत संभालता है, और वहाँ किसी भी व्यवधान का सीधा असर भारत की आयात लागत और चालू खाता घाटे पर पड़ेगा। मेटल और PSU बैंक सेक्टर की एक साथ गिरावट यह भी बताती है कि निवेशक सरकारी पूँजीगत व्यय की गति को लेकर भी सशंकित हैं। IT का हरे निशान में रहना राहत की बात है, लेकिन यह भी अमेरिकी माँग पर निर्भर है — जो खुद अनिश्चितता में है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

30 अप्रैल को सेंसेक्स कितना गिरा?
30 अप्रैल को बीएसई सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,913.50 पर बंद हुआ। यह इस सप्ताह की दूसरी बड़ी गिरावट थी।
आज बाज़ार गिरने की मुख्य वजह क्या रही?
खबरों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी सख्त करने का निर्देश दिया, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इस वैश्विक दबाव के कारण भारतीय बाज़ार में भी बिकवाली बढ़ी।
आज कौन से सेक्टर सबसे ज़्यादा गिरे?
निफ्टी मेटल में 2.12 प्रतिशत, निफ्टी PSU बैंक में 1.68 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में 1.50 प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा ही हरे निशान में बंद हुए।
आज निफ्टी50 का सबसे बड़ा गेनर कौन रहा?
बजाज ऑटो के शेयर 5.19 प्रतिशत की उछाल के साथ निफ्टी50 के शीर्ष गेनर रहे। सन फार्मा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और टेक महिंद्रा में भी बढ़त दर्ज की गई।
क्या आगे भी बाज़ार में गिरावट जारी रह सकती है?
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक अमेरिका-ईरान तनाव कम नहीं होता और ब्रेंट क्रूड कीमतें स्थिर नहीं होतीं, उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक अब वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू तिमाही नतीजों पर भी नज़र रखेंगे।
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