गुजरात में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, जनता अफवाहों पर ध्यान न दे: मोना खांधार
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है।
- मोना खांधार ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- कमर्शियल एलपीजी का स्टॉक बढ़ाने की योजना है।
गांधीनगर, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव मोना खांधार ने जनता से निवेदन किया है कि वे एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर चिंतित न हों। सरकार ने इस संबंध में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की हैं। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मोना खांधार ने कहा कि गुजरात में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हमारे पास इसका पर्याप्त बफर स्टॉक भी उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल के वितरण में कोई भी रुकावट नहीं है। पहले दिन से ही इनकी कमी का कोई सवाल नहीं उठता। नागरिकों से मेरी यह विनम्र अपील है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
उन्होंने बताया कि हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि पेट्रोल और डीजल की स्थिति संतोषजनक है। लेकिन हम कमर्शियल एलपीजी के स्टॉक को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। प्राथमिकता वाले क्षेत्र, जहाँ हमने ७५ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी की अनुमति दी थी, उन्हें ७५ प्रतिशत स्टॉक मिलता रहेगा। हर जिले में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है, जो एमएसएमई है और रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। हम उन्हें १० प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। यह सब संभव हुआ है क्योंकि हमें केंद्र सरकार से अधिक आवंटन प्राप्त हुआ है और हमने पीएनजी नेटवर्क को काफी बढ़ावा दिया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश और हाल ही में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ हुई बैठक के बाद, एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहाँ रेस्टोरेंट, होटल, कॉर्पोरेट कैंटीन, औद्योगिक कैंटीन, कॉर्पोरेट गेस्ट हाउस और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन १० प्रतिशत से बढ़ाकर २५ प्रतिशत कर दिया गया है।
अहमदाबाद में तीन माह में १,२०० से अधिक कमर्शियल और ३,५०,००० से अधिक घरेलू कनेक्शन पीएनजी में बदले जा रहे हैं। साथ ही, ९०० सोसाइटियों को भी पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अन्य शहरों में भी इसी तरह पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं।