सरकार का बड़ा ऐलान: सभी गैस रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर, 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति
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नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी है कि देश की सभी गैस रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर कार्यरत हैं और सोमवार तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में यह बताया कि सभी रिफाइनरियां उन्नत क्षमता पर चल रही हैं और देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सरकार देशभर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, वहां 5 दिनों के भीतर स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जाएं।
शर्मा के अनुसार, सोमवार को देश के 110 प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 7,500 घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश में 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप हैं और इनमें से अधिकांश सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जहां पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है।
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति निरंतर बनी रहे और आपूर्ति के स्रोतों को बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। साथ ही, राज्यों से निगरानी और व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया गया है।
शर्मा ने बताया कि देश में एलएनजी का भी पर्याप्त भंडार है।
मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से अधिक घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है और घबराहट में बुकिंग में कमी आई है।
वर्तमान भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, लेकिन कहीं भी गैस की कमी की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार, किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी ट्रांसपोर्ट को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।