भारत में ईंधन की कमी नहीं, एलपीजी उत्पादन में 30% की वृद्धि: सरकार
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नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है कि देश में रसोई गैस (एलपीजी) का घरेलू उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है, और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद भारत में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि 5 मार्च की तुलना में देश की रिफाइनरियों द्वारा अब लगभग 30 प्रतिशत अधिक एलपीजी का उत्पादन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि घरों और अन्य आवश्यक संस्थानों को रसोई गैस की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के मिलती रहे।
सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी की आपूर्ति में प्राथमिकता घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर राज्य सरकारों को भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे उन्हें जरूरत के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर वितरित कर सकें।
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि देश की रिफाइनिंग क्षमता और ईंधन का भंडार पर्याप्त है।
भारत की वर्तमान कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन है, और देश की रिफाइनरियां फिलहाल अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
सुजाता शर्मा ने कहा कि इसी कारण भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में लगभग आत्मनिर्भर हो गया है, जिससे इन ईंधनों के आयात की आवश्यकता कम हो गई है।
उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है, और लगभग एक लाख पेट्रोल पंपों में से किसी ने भी ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्यरत हैं और उनके पास पर्याप्त ईंधन का भंडार मौजूद है।
सुजाता शर्मा के अनुसार, रिफाइनरियों में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार भी उपलब्ध है, और इसकी निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि संचालन में कोई बाधा न आए।
सरकार ने यह भी बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति भी पूरी तरह से स्थिर है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि घरों के लिए पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है।
वर्तमान में देश में लगभग 1.5 करोड़ घर पीएनजी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जबकि गैस पाइपलाइन के पास स्थित लगभग 60 लाख घर आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं।
उन्होंने उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि एलपीजी की मांग पर दबाव कम हो सके।