गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की, अफवाहों के बावजूद स्थिति स्थिर

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गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की, अफवाहों के बावजूद स्थिति स्थिर

सारांश

अहमदाबाद, 6 अप्रैल। जबकि अफवाहों के कारण बुकिंग में वृद्धि हुई, गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मांग को पूरा किया। राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी स्थिर बनी हुई है। जानें इस स्थिति के बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • गुजरात में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की माँग पूरी हुई।
  • पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस की आपूर्ति स्थिर है।
  • 1.27 करोड़ सक्रिय एलपीजी कनेक्शन हैं।
  • जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
  • सरकार ने वितरण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं।

अहमदाबाद, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अफवाहों के कारण उत्पन्न हुई अफरा-तफरी में बुकिंग में वृद्धि के बावजूद, गुजरात ने मार्च में अपनी 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मासिक मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।

राज्य स्तरीय ब्रीफिंग में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के राज्य प्रमुख और कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार बेहरा ने कहा कि पिछले महीने एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और 75 लाख बुकिंग दर्ज की गईं।

उन्होंने बताया कि वितरण में कोई बाधा नहीं आई। यह वृद्धि अफवाहों के कारण मची अफरा-तफरी और अग्रिम ऑर्डर के चलते हुई, लेकिन आपूर्ति राज्य की आवश्यकता के अनुसार बनी रही।

गुजरात में 1.27 करोड़ सक्रिय एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से 88 प्रतिशत बुकिंग और 85 प्रतिशत डिलीवरी की पुष्टि डिजिटल माध्यम से की गई है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियां राज्य में 5,133 खुदरा आउटलेट संचालित करती हैं। सभी आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, साथ ही 17 आपूर्ति केंद्रों पर भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

बेहेरा ने कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। 23 और 24 मार्च को जो लंबी कतारें देखी गईं, वे अफवाहों के कारण थीं। उन दिनों बिक्री दोगुनी हो गई थी और कुछ आउटलेट्स पर तो सामान्य से चार से पांच गुना अधिक हो गई थी, लेकिन वास्तव में कोई कमी नहीं थी।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 4 अप्रैल को 2.43 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति के मुकाबले 1.76 लाख एलपीजी की बुकिंग हुई, जो बैकलॉग को खत्म करने के प्रयासों का संकेत है।

23 मार्च से अप्रैल की शुरुआत तक विशेष रूप से सूरत, अंकलेश्वर और जामनगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडरों का वितरण बढ़ाया गया।

इस अवधि में लगभग 74,000 सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जिनमें से 25,000 सिलेंडर मांग में अचानक वृद्धि के कुछ ही दिनों में बिक गए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त निदेशक चेतन गांधी ने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी को तेज किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रत्येक गैस वितरण एजेंसी पर एक राजस्व अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी तैनात किया है। दैनिक निगरानी के लिए कुल 1,029 कर्मियों को तैनात किया गया है।

5 मार्च से अब तक 11,300 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है, और 2,451 छापे मारे गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 215 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रों में एलपीजी आवंटन को विनियमित किया जा रहा है।

Point of View

गुजरात ने अपनी एलपीजी आवश्यकताओं को प्रभावी तरीके से पूरा किया है। यह स्थिति सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ताओं को आवश्यक सेवाएं मिलती रहें।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात में एलपीजी सिलेंडरों की कितनी मांग थी?
गुजरात ने मार्च में 68 लाख एलपीजी सिलेंडरों की मांग पूरी की।
क्या एलपीजी वितरण में कोई बाधा आई?
नहीं, वितरण में कोई बाधा नहीं आई।
राज्य में सक्रिय एलपीजी कनेक्शन की संख्या क्या है?
गुजरात में 1.27 करोड़ सक्रिय एलपीजी कनेक्शन हैं।
क्या सरकार ने जमाखोरी पर अंकुश लगाया है?
हाँ, जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी तेज की गई है।
बिक्री में वृद्धि का कारण क्या था?
बिक्री में वृद्धि अफवाहों के कारण मची अफरा-तफरी के चलते हुई।
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