मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का भरपूर भंडार: गोविंद सिंह राजपूत
सारांश
Key Takeaways
- राज्य में गैस का भरपूर भंडार है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई गई है।
- रिफिल बुकिंग अब 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी।
- वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई नहीं की जाएगी।
- खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के बीच नियमित बैठकें होंगी।
भोपाल, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि पेट्रोल, डीजल तथा घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
वर्तमान में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जिसका प्रभाव कई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर पड़ रहा है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी जिला कलेक्टर्स को यह निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी स्थिति में वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाएं। वर्तमान में, प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति सुचारू है।
मौजूदा स्थिति और उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे एलपीजी की आपूर्ति और विपणन केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करें।
तेल कंपनियों द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए वितरण प्रणाली में कई उपाय लागू किए गए हैं। अब पिछले डिलीवरी के 25 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग स्वीकार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य कालाबाजारी और अफरातफरी को रोकना है और उपभोक्ताओं को नियमित वितरण सुनिश्चित करना है।
इन सब परिस्थितियों में, तेल कंपनियों ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान में चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थानों के अलावा अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्र आदि) को कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग, ऑयल कंपनी के अधिकारियों और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित बैठक कर वाणिज्यिक और घरेलू सिलेंडर की उपलब्धता की समीक्षा करें। इसके साथ ही, जिले के बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करें और उनकी ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति के स्रोतों का उपयोग करें।