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पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सरकार का कड़ा रुख, 17 हजार से अधिक छापेमारी और 17 गिरफ्तारियां

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पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सरकार का कड़ा रुख, 17 हजार से अधिक छापेमारी और 17 गिरफ्तारियां

सारांश

लखनऊ में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 17,581 छापेमारी में 17 गिरफ्तारी और 224 अभियोजन की कार्रवाई की गई है। जानें, क्या है स्थिति?

मुख्य बातें

17,581 छापेमारी और 17 गिरफ्तारियां हुईं।
उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता।
सरकार का कालाबाजारी के खिलाफ कठोर रुख।
24 घंटे की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित।

लखनऊ, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर नियंत्रण के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इस प्रक्रिया में एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि अन्य मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, 224 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।

मुख्य सचिव स्तर पर दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और फील्ड में निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर और ईंधन मिल सके।

इस समय राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। यहाँ 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हुई है। वर्तमान में राज्य में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने लोगों से अनुरोध किया है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।

एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। राज्य के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही, सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को शीघ्र निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है।

आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कालाबाजारी और अवैध बिक्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर रही है। यह कदम उपभोक्ताओं के हित में है और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने कालाबाजारी के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने 12 मार्च से 17,581 छापेमारी की हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।
राज्य में पेट्रोल और डीजल की स्थिति क्या है?
राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
एलपीजी की स्थिति कैसी है?
एलपीजी की स्थिति संतोषजनक है और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है।
सरकार ने उपभोक्ताओं से क्या अपील की है?
सरकार ने लोगों से अनुरोध किया है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।
सरकार की निगरानी व्यवस्था क्या है?
सरकार ने खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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