ओडिशा: बीजेडी ने रेलवे ज़ोन के विलय पर केंद्र सरकार की आलोचना की, अन्याय का आरोप

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ओडिशा: बीजेडी ने रेलवे ज़ोन के विलय पर केंद्र सरकार की आलोचना की, अन्याय का आरोप

सारांश

ओडिशा की बीजेडी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे से पालसा और इच्छापुरम को हटाने के निर्णय को अन्याय बताया है। क्या भाजपा अपने वादों पर खरा उतरने में असफल हो रही है?

Key Takeaways

  • बीजेडी ने केंद्र सरकार पर ओडिशा के विकास में रुकावट डालने का आरोप लगाया।
  • ईस्ट कोस्ट रेलवे का महत्व और इसके राजस्व योगदान को रेखांकित किया गया।
  • राज्य के भाजपा सांसदों की चुप्पी पर सवाल उठाए गए।
  • राज्य के कई जिले रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित हैं।
  • बीजेडी ने निर्णय को वापस लेने की मांग की है।

भुवनेश्वर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की तीव्र निंदा की है, क्योंकि पालसा और इच्छापुरम को ओडिशा के ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र से हटा कर आंध्र प्रदेश के साउथ कोस्ट रेलवे क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है।

बीजेडी का कहना है कि भाजपा सरकार, जो 'डबल इंजन, डबल डेवलपमेंट' के नारे के साथ सत्ता में आई थी, ओडिशा को उसका उचित हिस्सा नहीं दे रही है। इस निर्णय से राज्य के विकास और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

पार्टी के प्रमुख नेता अतनु सब्यसाची नायक और प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने बताया कि ईस्ट कोस्ट रेलवे देश के सबसे अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाले रेलवे डिवीजन में से एक है।

नायक ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की खुशहाली के लिए ईस्ट कोस्ट रेलवे को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व कोरापुट और रायगढ़ा जिलों के कुछ हिस्से भी साउथ कोस्ट रेलवे में शामिल किए गए थे, और अब ओडिशा दिवस के अवसर पर पालसा और इच्छापुरम को भी इसमें जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि 'डबल डेवलपमेंट' का वादा करने वाले भाजपा के नेता इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखा रहे हैं। नायक ने यह भी कहा कि ओडिशा के 20 भाजपा सांसद और राज्य नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि जबकि ओडिशा का सांसद रेल मंत्री है, फिर भी राज्य के हितों की जगह आंध्र प्रदेश के लिए निर्णय लिए जा रहे हैं।

भाजपा के वादों के बावजूद राज्य के कम से कम छह जिले अब भी रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित हैं। मोहंती ने मांग की कि इस निर्णय को पूरी तरह से वापस लिया जाए और सुन्दरगढ़, केओंझर और मयूरभंज जिलों के रेलवे क्षेत्र को साउथ ईस्टर्न रेलवे से ईस्ट कोस्ट रेलवे में शामिल किया जाए, ताकि इसे और मजबूत किया जा सके।

Point of View

बल्कि यह भाजपा के 'डबल डेवलपमेंट' के दावों पर भी सवाल उठाता है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

बीजेडी ने रेलवे ज़ोन के विलय पर क्या कहा?
बीजेडी ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है।
क्यों बीजेडी को लगता है कि यह ओडिशा के विकास को प्रभावित करेगा?
क्योंकि ईस्ट कोस्ट रेलवे देश के सबसे अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाले रेलवे डिवीजनों में से एक है।
क्या भाजपा के सांसद इस मुद्दे पर चुप हैं?
बीजेडी के अनुसार, ओडिशा के 20 भाजपा सांसद इस मुद्दे पर मौन हैं।
कौन-कौन से जिले रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित हैं?
राज्य के कम से कम छह जिले अभी भी रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित हैं।
बीजेडी ने क्या मांग की है?
मोहंती ने इस निर्णय को वापस लेने और रेलवे क्षेत्रों को ईस्ट कोस्ट रेलवे में शामिल करने की मांग की है।
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