असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान का नया रिकॉर्ड: वैश्विक लोकतंत्र का नया अध्याय

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असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान का नया रिकॉर्ड: वैश्विक लोकतंत्र का नया अध्याय

सारांश

वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में असम, केरल और पुडुचेरी ने मतदान प्रतिशत में नई मिसाल कायम की है। यह ऐतिहासिक सफलता लोकतंत्र में नागरिकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • असम, केरल, और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान हुआ।
  • महिलाओं की भागीदारी कई स्थानों पर पुरुषों से अधिक रही।
  • चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई।
  • 5.31 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव में शामिल हुए।
  • 22 देशों के प्रतिनिधियों ने भारतीय चुनाव प्रणाली की निगरानी की।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में असम, केरल और पुडुचेरी ने मतदान प्रतिशत के मामले में एक नया मानक स्थापित किया है।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार, असम और पुडुचेरी में अब तक का सबसे अधिक मतदान देखने को मिला, वहीं केरल में भी अच्छी और संतुलित भागीदारी दर्ज की गई। यह प्रवृत्ति चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं के बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित करती है। पिछले 50 वर्षों में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत यह बताता है कि मतदाता अब न केवल जागरूक हैं, बल्कि वे चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष मानते हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “असम, केरल और पुडुचेरी के ये चुनाव सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे लोकतांत्रिक जगत के लिए एक उदाहरण हैं। मैं सभी मतदाताओं को इस ऐतिहासिक भागीदारी के लिए बधाई देता हूं। चुनाव का पर्व, मतदाता का गर्व।”

चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची की पारदर्शी तैयारी और चुनावों के निष्पक्ष संचालन में जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। यही कारण है कि हम रिकॉर्ड मतदान देख रहे हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम में कुल 85.38 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2011 के 86.19 प्रतिशत के पुराने रिकॉर्ड से अधिक है। केरल में भी 78.03 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य की सक्रिय राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है।

जानकारी के अनुसार, असम में पुरुष 84.80 प्रतिशत, महिला 85.96 प्रतिशत और थर्ड जेंडर 36.84 प्रतिशत ने मतदान किया। केरल में पुरुष 75.01 प्रतिशत, महिला 80.86 प्रतिशत और थर्ड जेंडर 57.04 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। पुडुचेरी में पुरुष 88.09 प्रतिशत, महिला 91.33 प्रतिशत और थर्ड जेंडर 91.81 प्रतिशत ने वोट डाला। महिलाओं की भागीदारी कई स्थानों पर पुरुषों से अधिक रही, जो चुनावी जागरूकता में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

चुनाव आयोग के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान कुछेक घटनाओं को छोड़कर पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कुल 63,084 मतदान केंद्रों पर एक साथ मतदान शुरू हुआ, जहां पहले से मॉक पोल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इस बार चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की गई, जिससे निगरानी और पारदर्शिता दोनों में बढ़ोतरी हुई।

इन चुनावों में कुल 296 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। 5.31 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया और 1,899 उम्मीदवार मैदान में थे। साथ ही, 2.5 लाख से अधिक मतदानकर्मी और 1.8 लाख से ज्यादा पोलिंग एजेंट तैनात रहे। वहीं, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा के 4 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव भी कराए गए।

बता दें कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ी।

वहीं, चुनाव प्रक्रिया को देखने के लिए 22 देशों के 38 प्रतिनिधि अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम के तहत मौजूद रहे। इससे भारतीय चुनाव प्रणाली की वैश्विक विश्वसनीयता और मजबूत हुई।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऐतिहासिक मतदान न केवल चुनावी उत्साह का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत का लोकतंत्र अब पहले से अधिक मजबूत, समावेशी और भरोसेमंद बन चुका है।

Point of View

केरल और पुडुचेरी में उच्च मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि मतदाता अब चुनावी प्रक्रिया में अधिक सक्रिय और जागरूक हैं।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

असम में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
असम में मतदान प्रतिशत 85.38 प्रतिशत रहा।
केरल में महिला मतदाताओं की भागीदारी कितनी थी?
केरल में महिला मतदाताओं की भागीदारी 80.86 प्रतिशत रही।
पुडुचेरी में मतदान का प्रतिशत क्या था?
पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कितने मतदाता चुनाव में भाग लिए?
5.31 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव में भाग लिए।
क्या चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है?
हां, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की गई।
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