गैस संकट के बीच सुरेश खन्ना का आश्वासन, स्थिति नियंत्रण में
सारांश
Key Takeaways
- गैस संकट का कारण अंतरराष्ट्रीय संघर्ष हैं।
- सरकार ने कमेटी का गठन किया है।
- भारत में गैस की कोई कमी नहीं है।
- प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया है।
- हर दिन ५० लाख LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
लखनऊ, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि गैस संकट का कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्ष हैं। गैस की कोई कमी नहीं है, परंतु यह पहले के मुकाबले उतनी उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में लोगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। गृह मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है, जिसमें पेट्रोलियम मंत्री और विदेश मंत्री भी शामिल हैं। यह कमेटी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रही है। गुरुवार शाम एक बड़ा जहाज एक लाख ३५ हजार मिट्रिक टन तेल लेकर आया है, जो छोटे देशों के लिए पर्याप्त है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसा बड़ा देश होने के कारण यहां गैस और तेल की मांग अधिक है। यह मुद्दा राजनीति का नहीं है, बल्कि यह समस्या अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के कारण उभरी है। यूपी के मुख्यमंत्री भी स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं। डबल इंजन की सरकार हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। जब भी कोई समस्या आई, सरकार ने उसे प्रभावी ढंग से सुलझाया है। इसलिए चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि ईरान युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच, सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे देश को महत्वपूर्ण बचत हुई है। उन्होंने बताया कि २०१४ से पहले भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए सीमित भंडारण क्षमता थी, जबकि अब हमारे पास पर्याप्त रिजर्व स्टॉक उपलब्ध है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों के कारण भारतीय नागरिकों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हर दिन ५० लाख LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को रसोई गैस की पैनिक बुकिंग से बचना चाहिए।