उत्तर प्रदेश: एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, हजारों स्थानों पर छापेमारी
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम।
- 2,554 स्थानों पर छापेमारी की गई, 5 एफआईआर दर्ज।
- आवश्यकता अनुसार गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपाय।
लखनऊ, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन ने आम जनता को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर रोक लगाना है।
इसी क्रम में, पिछले दो दिनों में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों ने 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कालाबाजारी में संलिप्त 35 व्यक्तियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गईं। इस कार्रवाई में 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 37 व्यक्तियों को अभियोजित किया गया है।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। राज्यभर में आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी के साथ-साथ निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई हो रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न हो।
राज्य के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित की गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी है ताकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।
आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी तैनात हैं।
इसके अलावा, प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो निरंतर कार्यरत हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड में सक्रिय रहते हैं।