योगी आदित्यनाथ के आदेश पर कालाबाजारी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, 233 एफआईआर दर्ज
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई।
- 233 एफआईआर दर्ज, 20 लोगों की गिरफ्तारी।
- पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य।
- 24 घंटे कंट्रोल रूम की स्थापना।
- सख्त कार्रवाई का आश्वासन।
लखनऊ, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए गए अभियान में महत्वपूर्ण कार्यवाही की गई है। 12 मार्च से अब तक 233 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
20 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 237 के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कालाबाजारी के खिलाफ 19,882 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई। एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 33 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि अन्य दोषियों के खिलाफ 200 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह कार्रवाई एक साथ पूरे प्रदेश में की गई।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किए बिना कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस क्रम में जिलों में प्रवर्तन टीमों को सक्रिय किया गया और निरंतर निगरानी रखी गई।
प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री की जा रही है। 28 मार्च से 1 अप्रैल तक के बिक्री आंकड़े भी सामान्य स्तर पर बने हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का भंडार उपलब्ध है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर 4,107 वितरकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। स्थिति की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे का कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है। जिला प्रशासन को भी 24 घंटे फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।
एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसके साथ ही, सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को शीघ्र निपटाने और अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है।
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।