आदिलाबाद में नया एयरपोर्ट: नागरिक और रक्षा परिचालन का संयुक्त प्रबंध

Click to start listening
आदिलाबाद में नया एयरपोर्ट: नागरिक और रक्षा परिचालन का संयुक्त प्रबंध

सारांश

तेलंगाना के आदिलाबाद में एक नया एयरपोर्ट बनाने की योजना है, जिसमें नागरिक उड़ानों के लिए एक अलग हिस्सा होगा। यह एयरपोर्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करेगा।

Key Takeaways

  • आदिलाबाद में नया एयरपोर्ट नागरिक और रक्षा परिचालन के लिए होगा।
  • यह एयरपोर्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
  • रक्षा मंत्रालय ने संयुक्त उद्यम में एयरपोर्ट विकसित करने पर सहमति दी है।
  • 17 अप्रैल को स्थल का दौरा किया जाएगा।
  • यह एयरपोर्ट भविष्य में हवाई सेवाओं की मांग को पूरा करेगा।

हैदराबाद, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि तेलंगाना के आदिलाबाद में रक्षा उद्देश्यों के लिए एक नया एयरपोर्ट स्थापित किया जाएगा, जिसमें नागरिक उड़ानों के संचालन के लिए एक अलग एन्क्लेव भी होगा।

हालांकि वहां पहले से ही रक्षा विभाग के पास 360 एकड़ में फैली एक हवाई पट्टी है, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्य सरकार से एयरपोर्ट बनाने के लिए 450 एकड़ और जमीन अधिग्रहित करने का अनुरोध किया है।

यह प्रस्तावित एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण सुविधा होगी, जिसमें एक ऐसा रनवे होगा जो एयरबस ए320 विमानों को संभालने में सक्षम होगा।

नई दिल्ली में हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राम मोहन नायडू, और केंद्रीय कोयला तथा खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हुए।

बैठक में आदिलाबाद के सांसद जी. नागेश, विधायक पायल शंकर, रक्षा मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) तथा राज्य सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक के बाद राम मोहन नायडू ने मीडिया से कहा कि रक्षा मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि उसे एएआई के साथ संयुक्त उद्यम में एयरपोर्ट विकसित करने पर कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, "अब इस जगह के रणनीतिक महत्व को पहचानते हुए, रक्षा मंत्रालय ने यहाँ रक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए एक फैसिलिटी सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। वे एयरपोर्ट का विकास करेंगे और नागरिक उड़ानों के लिए एक अलग हिस्सा उपलब्ध कराएंगे।"

नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि देश में पहले से ही 36 ऐसे रक्षा एयरपोर्ट हैं, जिनमें नागरिक उड़ानों के लिए अलग हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक और रक्षा विभागों द्वारा संयुक्त संचालन एक सफल रणनीति है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि 17 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय, एएआई और राज्य सरकार के अधिकारियों की एक टीम स्थल का दौरा करेगी और 'ऑब्सटेकल लिमिटेशन सरफेस' (ओएलएस) का अध्ययन करेगी। इसके बाद एक 'मास्टरप्लान' तैयार किया जाएगा, जिसे रक्षा मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी।

राम मोहन नायडू ने कहा कि जैसे ही राज्य सरकार आवश्यक जमीन अधिग्रहित कर लेगी, वह एयरपोर्ट की आधारशिला रख सकती है और जल्द से जल्द काम शुरू कर सकती है।

उन्होंने कहा कि आदिलाबाद में एयरपोर्ट का विकास इस क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही एक इच्छा को पूरा करेगा। उन्होंने आदिलाबाद को एयरपोर्ट के लिए एक आदर्श स्थान बताया और कहा कि भविष्य में यहाँ हवाई सेवाओं की जबरदस्त मांग होगी।

यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एक 'हब' के रूप में विकसित करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। उन्होंने बताया कि आस-पास कोई अन्य एयरपोर्ट नहीं है। हैदराबाद एयरपोर्ट, जो वर्तमान में तेलंगाना का एकमात्र नागरिक एयरपोर्ट है, यहाँ से 300 किलोमीटर दूर है। नागपुर एयरपोर्ट आदिलाबाद से 170 किमी दूर स्थित है।

Point of View

बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे सकती है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

आदिलाबाद एयरपोर्ट कब शुरू होगा?
जैसे ही राज्य सरकार आवश्यक जमीन अधिग्रहित करेगी, एयरपोर्ट की आधारशिला रखी जा सकती है।
इस एयरपोर्ट में नागरिक उड़ानों का संचालन कैसे होगा?
यह एयरपोर्ट एक अलग एन्क्लेव में नागरिक उड़ानों का संचालन करेगा।
क्या यह एयरपोर्ट रक्षा उद्देश्यों के लिए भी होगा?
हाँ, यह एयरपोर्ट रक्षा उद्देश्यों के लिए विकसित किया जाएगा।
आदिलाबाद में एयरपोर्ट का महत्व क्या है?
यह एयरपोर्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और हवाई सेवाओं की मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
क्या आस-पास कोई अन्य एयरपोर्ट है?
नहीं, आस-पास कोई अन्य एयरपोर्ट नहीं है, हैदराबाद एयरपोर्ट 300 किमी दूर है।
Nation Press