उत्तर प्रदेश में कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई: 5813 स्थानों पर छापेमारी
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 5813 स्थानों पर छापेमारी।
- कालाबाजारी में संलिप्त 85 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई।
- सरकार द्वारा गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध।
- खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित।
- स्थानीय प्रशासन द्वारा सतत निगरानी।
लखनऊ, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रशासन ने पूरी तरह से सजगता दिखाई है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार १२ से १७ मार्च के बीच प्रदेश भर में ५८१३ स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ १२ एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि कालाबाजारी में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ ७४ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इस कार्रवाई में ११ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और ८५ लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह अभियान लगातार जारी है और स्थानीय अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की इस कड़ी कार्रवाई के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी सही तरीके से चल रही है। प्रदेश में ४१०८ एलपीजी गैस वितरकों के पास बुकिंग के अनुसार उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और जरूरत के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भारत सरकार द्वारा कुल खपत का २० प्रतिशत आवंटन भी किया गया है, जिससे बाजार में संतुलन बनाए रखने में सहायता मिल रही है। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में २४ घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यहां पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
इसके अलावा, होम कंट्रोल में खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर उन्हें सक्रिय रखा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति न बनने पाए और उपभोक्ताओं को समय पर आवश्यक ईंधन उपलब्ध होता रहे। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह सतत निगरानी प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।