दिल्ली विधानसभा में CM रेखा गुप्ता के आरोपों पर घमासान, BJP विधायकों ने स्पीकर से कार्रवाई की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा में 10 अगस्त 2026 को उस समय सियासी तूफान आ गया जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) के एक विधायक पर सदन के भीतर कथित अभद्र और असंसदीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के आरोपों का खुलकर समर्थन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मुख्य घटनाक्रम
BJP विधायक करनैल सिंह ने मुख्यमंत्री के आरोपों को उचित ठहराते हुए कहा कि AAP विधायक द्वारा सदन में किया गया व्यवहार 'बहुत गलत' था। उन्होंने कहा, 'बहनों का सम्मान करना चाहिए। विधानसभा की कार्यवाही को पूरा देश देखता है, ऐसे में सदन के भीतर इस तरह का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक है।' सिंह ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों से जनता जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की अपेक्षा रखती है।
BJP विधायक शिखा राय ने भी मुख्यमंत्री का पक्ष लेते हुए कहा कि सदन में शोर-शराबा और हंगामा सामान्य बात हो सकती है, लेकिन बैठे-बैठे असंसदीय व्यवहार करना एक अलग और गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने के लिए ही यह मुद्दा उठाया है।
BJP विधायकों की प्रतिक्रिया
BJP विधायक अनिल गोयल ने भी कड़ी नाराजगी जताई। उनके अनुसार सदन में जिस तरह का असंसदीय व्यवहार किया जा रहा था, वह 'शब्दों में बताना भी मुश्किल है।' गोयल ने संबंधित विधायक से अपने व्यवहार, सोच और आचरण में सुधार की अपील की और कहा कि जनप्रतिनिधियों को विवाद उत्पन्न करने के बजाय जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
BJP विधायक हरीश खुराना ने मामले को विशेष रूप से गंभीर बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से औपचारिक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि किराड़ी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक विधायक को पूरे दिन असंसदीय व्यवहार करते देखा गया और उनमें से कुछ व्यवहार महिलाओं के प्रति अपमानजनक थे। खुराना ने कहा कि इस मामले में स्पीकर से उचित कदम उठाने की उम्मीद है।
डिप्टी स्पीकर की प्रतिक्रिया
दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा और मर्यादा का उल्लंघन BJP की ओर से नहीं, बल्कि AAP विधायकों की ओर से किया गया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के लिए यह आवश्यक है कि वे बहस और विरोध के दौरान भी निर्धारित संसदीय मर्यादाओं का पालन करें।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा का सत्र पहले से ही राजनीतिक तनाव के बीच चल रहा है। गौरतलब है कि BJP और AAP के बीच विधानसभा में टकराव नया नहीं है, लेकिन महिलाओं के प्रति कथित अपमानजनक व्यवहार के आरोप मामले को एक नया और संवेदनशील आयाम देते हैं। सदन में इस तरह का आचरण न केवल विधायी कार्यवाही को बाधित करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर भी सवाल उठाता है।
क्या होगा आगे
BJP ने विधानसभा अध्यक्ष से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और उम्मीद जताई है कि स्पीकर संबंधित विधायक के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कदम उठाएंगे। मामले पर विधानसभा में आगे गंभीर चर्चा की संभावना है।