क्या आतिशी के बयान पर विवाद गहरा जाएगा? भाजपा विधायकों ने स्पीकर को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- आतिशी के बयान ने भाजपा को आक्रोशित किया।
- भाजपा विधायकों ने स्पीकर को पत्र लिखा है।
- आतिशी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के द्वारा दिए गए कथित अमर्यादित बयान के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीव्र विरोध प्रकट किया है। भाजपा विधायक प्रवेश साहिब सिंह, कपिल मिश्रा, आशीष सूद, पंकज सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपकर आतिशी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
यह विवाद 6 जनवरी को सदन में गुरु तेग बहादुर की शहादत पर विशेष चर्चा के दौरान उत्पन्न हुआ। चर्चा के बीच, आतिशी ने अपनी सीट से खड़े होकर कुछ टिप्पणियाँ की। भाजपा विधायकों का आरोप है कि उनका बयान गुरु तेग बहादुर के प्रति अभद्र और शर्मनाक था।
पत्र में उल्लेखित है कि देश की आजादी के बाद कभी भी किसी गुरु के बारे में इतनी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं हुआ। विधायकों ने बयान की टाइप की गई प्रति भी संलग्न की है।
भाजपा विधायकों ने पत्र में तीन प्रमुख मांगें की हैं। पहली- आतिशी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हो, दूसरी- उनकी विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द हो, तीसरी- स्पीकर से सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आतिशी को जेल की सजा दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि गुरु तेग बहादुर का अपमान करने वाले को सदन में नहीं, बल्कि जेल में होना चाहिए।
इस घटनाक्रम से सदन में हंगामा मच गया और कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। भाजपा का कहना है कि आतिशी को दिल्ली की जनता, सिख समुदाय और सदन से माफी मांगनी चाहिए। वे सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी भी कर रहे हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।