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क्या आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया, स्पीकर को सजा तय करनी चाहिए?

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क्या आतिशी ने सिख गुरुओं का अपमान किया, स्पीकर को सजा तय करनी चाहिए?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के सिख गुरु के खिलाफ असंवेदनशील शब्दों के उपयोग ने राजनीतिक हलचल मचाई है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि आतिशी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए। यह मामला न केवल राजनीतिक है, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ा है।

मुख्य बातें

आतिशी का शब्द चयन विवादित रहा है।
प्रवेश वर्मा ने माफी की मांग की है।
यह मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
सभी दलों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
आगामी चुनावों में यह मुद्दा चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरु के खिलाफ 'असंवेदनशील शब्दों' का प्रयोग करने पर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आतिशी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "जब विधायक सिख गुरुओं को सम्मान दे रहे थे, तब कल गुरु तेग बहादुर जी के 330वें शहीदी दिवस पर एक विशेष चर्चा हो रही थी। जब सरकार श्रद्धांजलि दे रही थी, तब विपक्ष की नेता आतिशी ने चर्चा में दखल दिया और गुरुओं का अपमान करने वाले शब्दों का प्रयोग किया। आतिशी ने अभी तक अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगी है। वह आज असेंबली में भी मौजूद नहीं हैं। हम मांग करते हैं कि उन्हें आना चाहिए, और स्पीकर को तय करनी चाहिए कि उन्हें क्या सजा दी जानी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि विपक्ष की नेता आतिशी ने इस विषय पर एक शब्द भी नहीं कहा, बल्कि उन्होंने जिन शब्दों का उपयोग किया, उनसे गुरुओं का अपमान किया, जिससे हमारी भावनाओं को बहुत ठेस पहुंची है। हमें दुख है कि आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने हमारे गुरुओं का अपमान किया। उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए और उन्हें इसके लिए जल्द से जल्द माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "चिंता की बात यह है कि गुरु साहिब और इस सदन की भावनाओं के प्रति उनका रवैया बहुत असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना है। कल, जब पूरा सदन शहादत के मौके पर श्रद्धांजलि दे रहा था, तो वे अपनी राजनीति में इतनी डूबी हुई थीं कि उन्होंने ऐसे शब्दों का प्रयोग करने में भी संकोच नहीं किया जो गुरुओं के प्रति अनादर के बराबर थे।"

उन्होंने कहा कि सदन में प्रदूषण के मुद्दे पर हम बहस करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह सदन में खुद मौजूद नहीं थीं। आम आदमी पार्टी का काम ही है जनता के मुद्दों को आगे न रखना, जिससे उनकी राजनीति चलती रहे। आतिशी केवल अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए किसी का भी अपमान करती हैं। आने वाले समय में पूरा भारत इनसे हिसाब लेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह स्पष्ट है कि भाषा का चयन हमेशा महत्वपूर्ण होता है। नेता प्रतिपक्ष का कर्तव्य है कि वे अपने शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक करें, खासकर जब बात धार्मिक भावनाओं की हो। यह समय है कि सभी राजनीतिक दल ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाएं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतिशी ने किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया?
आतिशी ने सिख गुरुओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
प्रवेश वर्मा ने क्या कहा?
प्रवेश वर्मा ने कहा कि आतिशी को अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
क्या आम आदमी पार्टी का इस मामले में कोई पक्ष है?
आम आदमी पार्टी ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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