क्या मणिपुर के 13 युवा जापान में काम करने और रहने का अवसर पा रहे हैं?

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क्या मणिपुर के 13 युवा जापान में काम करने और रहने का अवसर पा रहे हैं?

सारांश

मणिपुर के 13 युवा एक विशेष कार्यक्रम के तहत जापान में काम करने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। यह कार्यक्रम उन्हें जापानी संस्कृति को समझने और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का मौका देगा। क्या यह अनुभव उनके भविष्य को बदल सकता है?

Key Takeaways

  • मणिपुर के 13 युवा जापान में काम करने जा रहे हैं।
  • उन्हें जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिया गया है।
  • इन युवाओं को पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।
  • मासिक वेतन एक लाख रुपए से अधिक होगा।
  • यह कार्यक्रम भारत-जापान संबंधों को मजबूत करेगा।

इंफाल, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के विभिन्न जिलों के 13 युवा एक विदेशी रोजगार कार्यक्रम के तहत जापान में रहने और काम करने के लिए तैयार हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी साझा की।

मणिपुर के लोक भवन से एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के 13 अभ्यर्थियों को पात्रता प्रमाण पत्र (सीई) के लिए मंजूरी दी गई है और वे इस महीने के अंत में जापान की यात्रा करेंगे।

इन उम्मीदवारों ने जापानी भाषा की परीक्षा और कौशल दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है और वे जापान जाकर नर्सिंग, आतिथ्य, विनिर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करेंगे।

मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार को लोक भवन में सीओई के लिए विशिष्ट कुशल कामगार (एसएसडब्ल्यू) उम्मीदवारों से बातचीत की।

एसएसडब्ल्यू कार्यक्रम को जापान सरकार ने अप्रैल 2019 में शुरू किया था, जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को जापान में काम करने और रहने की अनुमति देना है।

भारत और जापान के बीच 'विशिष्ट कुशल श्रमिक' कार्यक्रम के कार्यान्वयन हेतु सहयोग ज्ञापन पर जनवरी 2021 में हस्ताक्षर किए गए थे।

एक संक्षिप्त बैठक में, राज्यपाल ने मणिपुर के विभिन्न जिलों जैसे उखरुल, सेनापति, इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, और थौबल के उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों से संवाद किया।

उम्मीदवारों ने इस अवसर के लिए अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया।

राज्यपाल भल्ला ने उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, मणिपुर और भारत के मूल्यों और संस्कृति को बनाए रखेंगे और जापान में काम करते हुए सद्भावना राजदूत के रूप में कार्य करेंगे।

त्रिपुरा सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि जापान में नौकरी पाने वाले नौ युवाओं में से एक का मासिक वेतन एक लाख रुपए से अधिक है।

पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के वित्तीय सहयोग से, चयनित उम्मीदवारों ने ग्रेटर नोएडा में नौ महीने का जापानी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इससे पहले जापान में नौकरी पाने वाले नर्सिंग केयरगिवर्स को सम्मानित किया।

Point of View

बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्रदान करेगा। यह पहल भारत-जापान संबंधों को और मजबूत बनाएगी।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

जापान में काम करने के लिए चयनित युवाओं की संख्या कितनी है?
इस कार्यक्रम के तहत कुल 13 युवा चयनित हुए हैं।
इन युवाओं को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया है?
उम्मीदवारों ने ग्रेटर नोएडा में नौ महीने का जापानी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है।
क्या इन युवाओं को जापान में रहने के लिए कोई प्रमाणपत्र मिला है?
हां, उन्हें पात्रता प्रमाण पत्र (सीई) के लिए मंजूरी मिली है।
इन युवाओं का मासिक वेतन क्या होगा?
जापान में नौकरी पाने वाले युवाओं में से एक का मासिक वेतन एक लाख रुपए से अधिक है।
राज्यपाल ने युवाओं को क्या सलाह दी है?
राज्यपाल ने उन्हें अच्छे प्रदर्शन करने और भारतीय संस्कृति को बनाए रखने की सलाह दी है।
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