क्या प्यार में धोखे मिलने के बाद रिश्तों को लेकर रश्मि देसाई की सोच क्या है?
सारांश
Key Takeaways
- रिश्ता केवल दो लोगों के बीच का होता है।
- व्यावहारिकता और भावनाएं एक साथ चलनी चाहिए।
- काम और व्यक्तिगत जीवन को अलग रखना आवश्यक है।
- धोखे खाने के बाद विश्वास फिर से बनाना कठिन होता है।
- भगवान रास्ता दिखाते हैं।
मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टीवी सीरियल 'उतरन' में तपस्या ठाकुर के किरदार से प्रसिद्ध हुईं रश्मि देसाई अपने नए चैट शो 'रश्मि दिल से दिल तक' को लेकर चर्चा में हैं।
अभिनेत्री का यह शो दर्शकों को टीवी सितारों के व्यक्तिगत जीवन के बारे में गहराई से जानकारी देगा। लेकिन, असल जिंदगी में कई धोखे खाने के बाद, रश्मि का प्यार और शादी के प्रति नज़रिया बहुत अलग है। उनका कहना है कि यदि वह किसी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ती हैं, तो वह अपना सब कुछ दे सकती हैं।
रश्मि, जो एक्टर नंदीश संधू से टूटे रिश्ते और कई लड़कों को डेट करने के बाद भी सही पार्टनर की तलाश में हैं, ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में प्यार, शादी और रिश्तों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने शोएब इब्राहिम और दीपिका कक्कड़ के रिश्ते के बारे में कहा कि दोनों हमेशा मुस्कुराते हैं, लेकिन उन्होंने जिंदगी में काफी कुछ झेला है। यही कारण है कि वे एक-दूसरे के लिए परिपूर्ण कपल हैं।
रिश्तों के इमोशंस पर बात करते हुए रश्मि ने कहा कि वह बहुत व्यावहारिक हैं और किसी के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ना उनके लिए मुश्किल है। अगर वह किसी के साथ जुड़ती हैं, तो वह उसे अपना दिल, संपत्ति, घर और पैसे सब कुछ दे सकती हैं। लेकिन, इतने धोखे खाने के बाद उन्होंने अब किसी को अपनी तरफ आने की इजाजत नहीं दी है। उन्होंने कहा कि भगवान कोई न कोई रास्ता दिखा ही देता है। इस शो के दौरान उन्होंने समझा कि रिश्ता केवल दो लोगों के बीच का होता है।
रश्मि ने यह भी बताया कि उन्हें यह सीख मिली है कि काम और व्यक्तिगत जीवन को अलग रखना चाहिए। उन्होंने अपने इमोशंस को काम में लगाकर उसे अपने लिए एक सुखद स्थान बना लिया है।
'उतरन' में काम करते समय रश्मि की मुलाकात नंदीश संधू से हुई थी। कुछ वर्षों की डेटिंग के बाद उन्होंने शादी का निर्णय लिया, लेकिन उनकी शादी ज्यादा समय नहीं टिक सकी। बाद में, उनका नाम अरहान खान और दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ भी जोड़ा गया, लेकिन सिद्धार्थ के साथ उनके रिश्ते पर रश्मि ने कभी खुलकर बात नहीं की।