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क्या आतिशी ने गुरुओं के प्रति अनादर दिखाया, उन्हें जवाब देना होगा?

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क्या आतिशी ने गुरुओं के प्रति अनादर दिखाया, उन्हें जवाब देना होगा?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियों के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधायक अजय महावर और सतीश उपाध्याय जैसे नेताओं ने आतिशी के अनादर को लेकर सवाल उठाए हैं और उनकी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

मुख्य बातें

आतिशी के बयान ने भाजपा में उत्तेजना पैदा की।
गुरुओं के प्रति अनादर का मामला गंभीर है।
जांच में पारदर्शिता की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के खिलाफ 'असंवेदनशील शब्दों' का प्रयोग करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायकों का कहना है कि आतिशी द्वारा दिखाए गए गुरुओं के प्रति अनादर का जवाब देना आवश्यक है।

भाजपा विधायक अजय महावर ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि जब से आतिशी ने गुरुओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की हैं, वह विधानसभा से दूर रह रही हैं। स्पीकर ने फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच का आदेश दिया है, जो पंद्रह दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रिविलेज कमेटी को भी इस मामले की जांच सौंपी गई है। यह जांच पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से की जाएगी, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

अजय महावर ने कहा कि आतिशी में गुरुओं के प्रति अनादर का भाव स्पष्ट है। इसके परिणामस्वरूप विपक्ष के सदस्य आतिशी का बचाव करने का प्रयास कर रहे हैं।

विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष के रूप में आतिशी का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार उजागर हुआ है। उन्हें न तो संविधान पर भरोसा है, न लोकतंत्र पर, और न ही गुरुओं की परंपराओं पर। सतीश उपाध्याय ने कहा कि आतिशी द्वारा दिखाए गए अनादर का जवाब देना होगा। प्रदूषण पर चर्चा चल रही थी, तब वह विधानसभा से बाहर चली गईं और बहस में हिस्सा नहीं लिया।

भाजपा विधायक ने कहा कि गुरुओं की याद में सदन में चर्चा में विपक्ष ने हिस्सा नहीं लिया। इसके बजाय, उन्होंने गलत शब्दों का उपयोग करते हुए उनका अपमान किया। सवाल यह है कि विपक्ष सदन में किस प्रकार का व्यवहार कर रहा है।

कैलाश गहलोत ने भी आतिशी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, "सदन में जो मुद्दा चल रहा है, वह वास्तव में गंभीर है। आतिशी द्वारा गुरुओं के बारे में उपयोग किए गए शब्द अत्यंत शर्मनाक थे। इसे देखते हुए स्पीकर ने पूरे मामले को प्रिविलेज कमेटी को भेज दिया है। जिस वीडियो की बात हो रही है, उसकी सत्यता की भी जांच की जा रही है।"

विधायक हरीश खुराना ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और आतिशी ने जानबूझकर यह मुद्दा उठाया है। जानबूझकर उन्होंने गुरुओं का अपमान किया है।

हरीश खुराना ने कहा कि अगर उनमें थोड़ी भी संवेदनशीलता होती, तो वे विधानसभा में आकर इस मामले के लिए माफी मांगतीं। उन्होंने आगे कहा, "लेकिन वह सदन की कार्यवाही के बीच गोवा चली गई हैं। वह प्रदूषण के मुद्दे पर बहस चाहती थीं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा हो रही थी, तब वे गायब हो गईं। इससे स्पष्ट है कि वह दिल्ली के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक विवाद और धार्मिक भावनाएं कभी-कभी एक दूसरे से टकरा जाती हैं। आतिशी का बयान गंभीर है और इससे समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। सभी पक्षों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आतिशी ने गुरुओं के खिलाफ क्या कहा?
आतिशी ने सिख गुरुओं के खिलाफ असंवेदनशील शब्दों का प्रयोग किया, जिसके लिए भाजपा ने उनकी आलोचना की।
भाजपा विधायकों ने इस पर क्या कहा?
भाजपा विधायकों ने कहा कि आतिशी को अपने बयानों के लिए जवाब देना होगा और उनकी अनादर की भावना पर सवाल उठाए हैं।
क्या इस मामले की कोई जांच हो रही है?
हाँ, स्पीकर ने फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच का आदेश दिया है, जो प्रिविलेज कमेटी द्वारा की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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