क्या भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ जवानों की सतर्कता से एक जीवन बचा?
सारांश
Key Takeaways
- सीआईएसएफ जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया ने जीवन बचाया।
- सीपीआर की प्रक्रिया जान बचाने में महत्वपूर्ण होती है।
- आपातकालीन स्थिति में दक्षता आवश्यक है।
- सामाजिक जिम्मेदारी और पेशेवरता का उदाहरण।
भुवनेश्वर, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने अपनी सतर्कता और कुशलता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक व्यक्ति की जान बचाई। यह घटना एयरपोर्ट के ओओजी स्क्रीनिंग प्वाइंट पर उस समय हुई, जब आईएलएचबीएस का एक कर्मचारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा।
ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत पहचानते हुए बिना समय गंवाए सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। कुछ ही समय बाद व्यक्ति को होश आ गया, जिससे मौके पर उपस्थित लोगों ने राहत की सांस ली। प्राथमिक उपचार के बाद, पीड़ित को आगे के चिकित्सकीय इलाज के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की एंबुलेंस के माध्यम से कैपिटल हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में सीटी/जीडी डिंपल कुमार ने त्वरित निर्णय और साहस का परिचय दिया। उन्हें एचसी/जीडी डीपी गुप्ता का सहयोग मिला। दोनों जवानों की सूझबूझ और फुर्ती से एक अमूल्य जीवन को बचाया जा सका। मौके पर उपस्थित एक डॉक्टर ने सीआईएसएफ कर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया का उदाहरण बताया। इस साहसिक कार्य के लिए जवानों की व्यापक रूप से प्रशंसा की जा रही है।
सीआईएसएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर ड्यूटी पर मौजूद सीआईएसएफ जवानों ने जान बचाने वाला काम किया। एएसजी भुवनेश्वर में सीआईएसएफ जवानों ने ओओजी स्क्रीनिंग पॉइंट पर बेहोश हुए एक आईएलएचबीएस स्टाफ मेंबर को सीपीआर देकर असाधारण सतर्कता और प्रोफेशनलिज्म दिखाया। कुछ देर बाद स्टाफ को होश आ गया। इसके बाद, उन्हें आगे के इलाज के लिए एएआई एम्बुलेंस से भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल ले जाया गया।"
सीआईएसएफ ने पोस्ट में आगे लिखा, "मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने इस साहसी काम की बहुत तारीफ की और सीआईएसएफ के प्रोफेशनलिज्म और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की भी सराहना की।"