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झारखंड बजट 2025-26: कर्ज में कमी, विकास दर 6.90 प्रतिशत का अनुमान

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झारखंड बजट 2025-26: कर्ज में कमी, विकास दर 6.90 प्रतिशत का अनुमान

सारांश

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में राज्य की आर्थिक स्थिति के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य ने वित्तीय अनुशासन में सुधार किया है और विकास दर लगातार बढ़ रही है।

मुख्य बातें

विकास दर: 2025-26 में 6.90 प्रतिशत का अनुमान।
ऋण-जीएसडीपी अनुपात: 25 प्रतिशत के आसपास।
राजस्व आय: 2026-27 में 66,700 करोड़ का अनुमान।
पूंजीगत व्यय: 37,708.10 करोड़ रुपए का आकलन।
विकास योजनाओं पर अधिक खर्च: 36:64 का नया अनुपात।

रांची, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि झारखंड लगातार संतुलित विकास और बेहतर वित्तीय अनुशासन की दिशा में अग्रसर है।

उन्होंने बताया कि राज्य की आर्थिक विकास दर पिछले वर्षों में स्थिर और मजबूत रही है। वर्ष 2022-23 में यह विकास दर 7.2 प्रतिशत (स्थिर मूल्य) रही, जो 2023-24 में बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो गई। वर्ष 2024-25 में यह 7.02 प्रतिशत रही, जबकि 2025-26 के लिए इसका अनुमान 7.72 प्रतिशत है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में विकास दर 2011-12 के स्थिर मूल्यों पर 6.90 प्रतिशत और वर्तमान मूल्यों पर 10.03 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य का ऋण बोझ भी नियंत्रित हुआ है। वर्ष 2021-22 में राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 30.2 प्रतिशत था, जो 2022-23 में घटकर 28.4 प्रतिशत, 2023-24 में 27.7 प्रतिशत और 2024-25 में 25.3 प्रतिशत पर आ गया। वर्ष 2025-26 और 2026-27 में यह लगभग 25 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहने का अनुमान है।

उन्होंने इसे वित्तीय अनुशासन का परिणाम बताया। राज्य की अपनी राजस्व आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2019-20 में राज्य के स्रोतों से कुल राजस्व आय 25,521 करोड़ रुपए थी। यह बढ़कर 2024-25 में 42,732.70 करोड़ रुपए हो गई और 2026-27 में इसके 66,700 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। खर्च की संरचना में भी बदलाव देखा जा रहा है। वर्ष 2019-20 में कुल व्यय में स्थापना और योजना व्यय का अनुपात 47:53 था, जो अब 2026-27 में बदलकर 36:64 होने का प्रस्ताव है। यानी अब अधिक संसाधन विकास योजनाओं पर खर्च किए जा रहे हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 में पूंजीगत व्यय का आकलन 37,708.10 करोड़ रुपए किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.5 प्रतिशत अधिक है। उनका कहना है कि इससे आधारभूत संरचना, सड़क, सिंचाई और अन्य विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि संतुलित विकास दर, नियंत्रित ऋण स्तर और बढ़ती राजस्व आय झारखंड की अर्थव्यवस्था को स्थिर और सशक्त दिशा में आगे बढ़ा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड की विकास दर 2025-26 में क्या होगी?
2025-26 में झारखंड की विकास दर 6.90 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात कितना है?
राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 2025-26 में लगभग 25 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है।
झारखंड की राजस्व आय में वृद्धि किस प्रकार हो रही है?
झारखंड की राजस्व आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2019-20 में 25,521 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 66,700 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
राज्य का पूंजीगत व्यय कितना है?
2026-27 में झारखंड का पूंजीगत व्यय 37,708.10 करोड़ रुपए किया गया है।
बजट में खर्च की संरचना में क्या बदलाव है?
बजट में खर्च की संरचना में बदलाव हुआ है, जिसमें विकास योजनाओं पर अधिक संसाधन खर्च किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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