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महिलाओं को आरक्षण देने की प्रक्रिया में क्या है वास्तविकता? : जूही सिंह

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महिलाओं को आरक्षण देने की प्रक्रिया में क्या है वास्तविकता? : जूही सिंह

सारांश

महिला आरक्षण बिल पारित हो चुका है, परंतु इसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। जूही सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता की मांग की है। जानें उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल पारित हो चुका है।
सरकार को प्रक्रिया को स्पष्ट करना चाहिए।
जूही सिंह ने महिलाओं के सशक्तिकरण की बात की।
सबरीमाला प्रकरण को आस्था का विषय मानते हैं।
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

लखनऊ, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने बताया कि महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका है, जिसका समाजवादी पार्टी ने समर्थन किया था। इसे संशोधन के बाद चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसे सदन में किस प्रकार लागू किया जाएगा।

उन्होंने बुधवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि २०११ की जनगणना के आधार पर महिलाओं को आरक्षण मिलेगा। आपने एसआईआर की प्रक्रिया को केवल दो महीने में पूरा किया था, लेकिन अब जब जनगणना की बात आ रही है, तो कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि आप चाहें तो निर्धारित समय में जनगणना पूरी करके शोषित वर्ग की महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए कदम उठा सकते हैं। यह दुखद है कि इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

जूही सिंह ने मौजूदा सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि महिलाओं को अपने राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग न करें। यदि आप वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण चाहते हैं, तो इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। ऐसा न करने पर स्थिति जटिल हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि हम यह मांग करते हैं कि महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है। हमारा सीधा प्रश्न है कि आखिर किस आधार पर महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। यदि आप २०११ के आधार पर आरक्षण देने का दावा कर रहे हैं, तो इसकी पूरी रूपरेखा क्या होगी? क्या आपने इसके लिए कोई मसौदा तैयार किया है? यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आप सदन में सीटें कैसे बढ़ाएंगे।

जूही ने सबरीमाला प्रकरण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह आस्था का विषय है और हमें कोर्ट के निर्णय को स्वीकार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सभी के लिए मान्य होता है।

उन्होंने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए हैं, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि जनता ने अपना जनादेश नीतीश कुमार के पक्ष में दिया था। ऐसे में, उनकी राज्यसभा में जाने और सीएम पद की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपे जाने की स्थिति, बिहार की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। मुझे विश्वास है कि बिहार की जनता इसका जवाब भाजपा को देगी।

इसके अलावा, जूही सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी शांति के पक्षधर हैं क्योंकि मौजूदा तनाव से लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में, पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि किसी भी महिला के साथ अन्याय न हो।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
जूही सिंह ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
जूही सिंह ने कहा कि आरक्षण का आधार स्पष्ट होना चाहिए और इसे लागू करने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
सरकार को किस तरह के कदम उठाने चाहिए?
सरकार को जनगणना को समय पर पूरा करके महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
क्या सबरीमाला प्रकरण पर जूही सिंह की राय है?
जूही सिंह ने सबरीमाला प्रकरण को आस्था का विषय मानते हुए कोर्ट के निर्णय को स्वीकार करने की बात कही।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का क्या प्रभाव पड़ेगा?
जूही सिंह का मानना है कि बिहार की जनता इस बदलाव को स्वीकार नहीं करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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