29 जुलाई 2026
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गुजरात में मादक पदार्थों के अपराधियों के खिलाफ बढ़ी कार्रवाई, 21 गिरफ्तार

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गुजरात में मादक पदार्थों के अपराधियों के खिलाफ बढ़ी कार्रवाई, 21 गिरफ्तार

सारांश

गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों के मामलों में संलग्न व्यक्तियों के खिलाफ निवारक हिरासत की प्रक्रिया को तेज किया है। हाल ही में, पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत पांच नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानिए पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।
पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत इस साल 21 गिरफ्तारियां हुई हैं।
गिरफ्तार व्यक्तियों में पूर्व में भी आरोप रहे हैं।
राजकोट, अरावली, बनासकांठा, नवसारी और जूनागढ़ में अभियान चलाया गया।
निवारक हिरासत का उद्देश्य पुनः अपराध को रोकना है।

गांधीनगर, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में संलग्न व्यक्तियों के खिलाफ निवारक हिरासत की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 (पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम) के तहत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न जेलों में भेजा गया है।

इस नवीनतम कार्रवाई के साथ, वर्ष 2026 के प्रारंभिक चार महीनों में पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 21 हो गई है।

वर्ष 2025 में, इसी कानून के अंतर्गत कुल 86 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के खिलाफ निवारक उपायों की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है।

गिरफ्तारी के निर्देश पुलिस महानिदेशक (सीआईडी क्राइम), डॉ. के.एल.एन. राव द्वारा जारी किए गए थे, और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सीआईडी क्राइम की टीमों ने इन्हें लागू किया।

यह अभियान राजकोट शहर के साथ-साथ अरावली, बनासकांठा, नवसारी और जूनागढ़ जिलों में संचालित किया गया।

गिरफ्तार व्यक्तियों में शामिल हैं: भीलोडा तालुका के वंका टिंबा गांव के निवासी बाबू निनामा (49); बनासकांठा के पालनपुर के निवासी ईश्वर उर्फ़ हेंडल सलात (28); नवसारी के वंसदा के निवासी मनोजगिरी गोस्वामी (45); जूनागढ़ के निवासी वहीद पंजा (50) और राजकोट के निवासी इमरान बेलिम (32)।

पुलिस ने बताया कि ये सभी पहले भी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन जमानत पर रिहा हो चुके थे।

अधिकारियों के अनुसार, पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों को निवारक हिरासत में रखने का अधिकार है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे मादक पदार्थों की बिक्री, खरीद, परिवहन या भंडारण जैसी गतिविधियों में दोबारा संलग्न न हों।

यह कार्रवाई उन मामलों में की जाती है जहां आरोपियों के जेल से रिहा होने के बाद मादक पदार्थों के व्यापार में पुनः शामिल होने की संभावना होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम क्या है?
पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम, 1988 मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों के खिलाफ निवारक कार्रवाई के लिए कानून है।
गुजरात में कितने लोग इस साल पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार हुए हैं?
इस साल के पहले चार महीनों में 21 लोग पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार व्यक्तियों में बाबू निनामा, ईश्वर उर्फ हेंडल सलात, मनोजगिरी गोस्वामी, वहीद पंजा, और इमरान बेलिम शामिल हैं।
गुजरात पुलिस का यह अभियान किन जिलों में चलाया गया?
यह अभियान राजकोट, अरावली, बनासकांठा, नवसारी और जूनागढ़ जिलों में चलाया गया।
निवारक हिरासत का क्या उद्देश्य है?
निवारक हिरासत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी मादक पदार्थों के व्यापार में पुनः शामिल न हों।
राष्ट्र प्रेस
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