किरन रिजिजू: महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देना है प्राथमिकता

Click to start listening
किरन रिजिजू: महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देना है प्राथमिकता

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद के बजट सत्र के समाप्त होने की जानकारी दी और महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की। यह सत्र कई महत्वपूर्ण चर्चाओं और निर्णयों के लिए याद किया जाएगा।

Key Takeaways

  • किरन रिजिजू ने संसद के बजट सत्र की समाप्ति की घोषणा की।
  • महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
  • कांग्रेस की मानसिकता पर आलोचना की गई।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि संसद का बजट सत्र आज औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। यह सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 18 अप्रैल तक चला और इसे हाल के वर्षों के सबसे ऐतिहासिक और उत्पादक सत्रों में से एक माना जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई, जिसके बाद दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद सरकार ने यूनियन बजट पेश किया, जिसे विस्तृत चर्चा के बाद सफलतापूर्वक पारित किया गया। साथ ही, फाइनेंस बिल भी संसद से मंजूरी प्राप्त कर चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट सत्र के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में हो रहे संकट पर महत्वपूर्ण बयान दिए। इसके साथ ही, संसद के कार्य को पूरा करने के लिए इस सत्र को तीन दिनों के लिए बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि यदि देश के वर्तमान हालात पर नजर डालें, तो सरकार का दावा है कि लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म लगभग खत्म होने के कगार पर है। नॉर्थ ईस्ट में, मणिपुर को छोड़कर, अधिकांश हिस्सों में शांति स्थापित हो गई है, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कुल मिलाकर, यह बजट सत्र कई महत्वपूर्ण फैसलों और राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस संवैधानिक संशोधन को दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं होने दिया, जो राजनीति से प्रेरित और महिलाओं के अधिकारों को न देने की मानसिकता का परिणाम है। इस बात से हम सभी अत्यंत दुखी हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल सरकार या किसी राजनीतिक पार्टी का नुकसान नहीं है, बल्कि यह देश की महिलाओं का भी नुकसान है। महिलाओं को देश के संचालन और निर्णय प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी देने के लिए, लोकसभा और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने का जो महत्वपूर्ण कदम था, वह पारित नहीं हो सका, जिससे हम सभी आहत हैं।

उन्होंने कहा कि हम इसे सरकार या अपनी पार्टी की विफलता नहीं मानते, बल्कि इसे देश के लिए एक बड़ा आघात मानते हैं, जो कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य दलों ने पहुंचाया है। भविष्य में उन्हें महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी पर जो महिला विरोधी होने का दाग लगा है, वह आसानी से मिटने वाला नहीं है। महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करके इसका जश्न मनाना एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गलत बात है। क्या आपने कभी देखा है कि कोई अपने जीत के रूप में इस तरह का व्यवहार करे?

उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है, और इसे लागू होना चाहिए। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों की मानसिकता ने इस बिल को गिरा दिया, और फिर उस पर जश्न मनाने की उनकी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। सीधी और स्पष्ट बात यह है कि महिलाओं को जो अधिकार मिलने चाहिए थे, उसे कांग्रेस और उसके साथियों ने रोक दिया।

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

किरन रिजिजू ने बजट सत्र में क्या कहा?
उन्होंने बताया कि बजट सत्र हाल के वर्षों के सबसे ऐतिहासिक सत्रों में से एक रहा है।
महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया गया?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस संवैधानिक संशोधन को पारित नहीं होने दिया।
Nation Press