चुनाव आयोग ने बंगाल और तमिलनाडु में मतदान कवरेज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए

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चुनाव आयोग ने बंगाल और तमिलनाडु में मतदान कवरेज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए

सारांश

चुनाव आयोग ने बंगाल और तमिलनाडु में मतदान केंद्रों में मीडियाकर्मियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समझें इन नियमों का महत्व और प्रक्रिया।

Key Takeaways

  • मीडियाकर्मियों का प्रवेश मतदान केंद्रों में नियंत्रित रहेगा।
  • फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग निषिद्ध हैं।
  • प्राधिकरण पत्र प्राप्त करने के लिए पीआईबी से संपर्क करना होगा।
  • आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में मीडियाकर्मियों को रखा गया है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में, चुनाव आयोग ने शनिवार को यह स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों में मीडियाकर्मियों का प्रवेश पीठासीन अधिकारियों द्वारा कड़ाई से नियंत्रित किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि प्राधिकरण पत्रों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में सख्ती से निषिद्ध है। मतदान कक्ष के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं है ताकि मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन न हो।

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, चुनाव संचालन नियम, 1961 के अंतर्गत, मतदान केंद्रों में मीडिया के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए पीठासीन अधिकारी ही सक्षम प्राधिकारी होंगे। मीडियाकर्मियों के लिए प्राधिकरण पत्र जारी करने के अनुरोध को प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के माध्यम से राज्य सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) को भेजना होगा।

आयोग ने यह भी बताया कि मतदान दिवस की कवरेज के लिए अधिकृत मीडियाकर्मियों को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है और वे डाक मतदान केंद्र (पीवीसी) पर डाक मतपत्र सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

अनुशंसा और प्रमाणीकरण के बाद, मीडियाकर्मियों की सूची सीईओ द्वारा आयोग को अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी।

बयान में यह भी कहा गया कि प्राधिकरण पत्र केवल सीईओ/डीईओ या किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणीकरण के बाद ही जारी किए जाएंगे। आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया में प्रामाणिकता और निष्पक्षता बनी रहे, किसी भी प्रकार की प्रतिलिपि या रबर स्टैम्प का उपयोग नहीं करने की आवश्यकता जताई है।

चुनाव आयोग ने दोहराया कि बहुस्तरीय मीडिया सत्यापन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल विधिवत सत्यापित और अधिकृत कर्मियों को ही मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों में प्रवेश दिया जाए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।

Point of View

यह स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश आवश्यक हैं। मीडियाकर्मियों का प्रवेश नियंत्रित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

चुनाव आयोग के नए नियमों में क्या शामिल है?
चुनाव आयोग ने मीडियाकर्मियों के मतदान केंद्रों में प्रवेश को सख्ती से नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं है।
मीडियाकर्मियों को प्राधिकरण पत्र कैसे मिलेगा?
मीडियाकर्मियों को प्राधिकरण पत्र के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से अनुरोध करना होगा।
क्या मीडियाकर्मी डाक मतपत्र का लाभ उठा सकते हैं?
हां, मतदान दिवस कवरेज के लिए अधिकृत मीडियाकर्मियों को डाक मतदान केंद्र पर डाक मतपत्र सुविधा का लाभ उठाने का अधिकार है।
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