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प्रियंका गांधी: यह महिला आरक्षण नहीं, केवल परिसीमन पर चर्चा थी

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प्रियंका गांधी: यह महिला आरक्षण नहीं, केवल परिसीमन पर चर्चा थी

सारांश

प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने बताया कि यह केवल परिसीमन की चर्चा थी, न कि महिला आरक्षण की। जानिए उन्होंने और क्या कहा।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक को पास नहीं किया गया।
प्रियंका गांधी ने इसे परिसीमन पर चर्चा बताया।
सरकार की मंशा पर सवाल उठाए गए।
महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें देने की मांग की गई।
विपक्ष की एकता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण से संबंधित संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को लोकसभा में मंजूरी नहीं मिल पाई, जिस पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

प्रियंका गांधी ने कहा कि कल लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण जीत हुई है, जिसमें सरकार की साजिशों को नकारा गया है। यह संविधान, देश और विपक्ष की एकता की विजय थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के भाषणों में यह स्पष्ट दिखा कि उनकी मंशा क्या थी।

उन्होंने यह भी कहा कि विशेष सत्र के बारे में विपक्ष को जानकारी नहीं दी गई थी। मसौदा एक दिन पहले सार्वजनिक किया गया, जिससे विपक्ष को तैयारी का समय नहीं मिला। प्रियंका ने बताया कि सरकार ने साजिश रची थी कि किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना है। अगर यह विधेयक पारित होता, तो सरकार हमेशा सत्ता में बनी रहती। लेकिन महिलाएं सब समझती हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि परिसीमन का मसला था। जाति के आंकड़ों को देखे बिना परिसीमन करना चाहा गया, जो संभव नहीं था। जब विपक्ष एकजुट होता है, तब सरकार को हराया जा सकता है, यह देश ने देखा है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सरकार के लिए एक ब्लैक डे है, क्योंकि उन्हें पहली बार इस तरह का झटका लगा है। महिलाओं की समस्याएं बढ़ रही हैं, और संघर्ष भी। उन्होंने कहा कि 2023 में जो सर्वसम्मति से पास हुआ था, उसे लागू करना चाहिए। 543 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं को मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता का विवेक है। अगर इन्हें देशभर में अभियान चलाना है, तो खुलकर करें। लेकिन आज का भारत पहले जैसा नहीं है। जनता का विश्वास इनसे उठ रहा है।

परिसीमन पर प्रियंका ने कहा कि हमारा रुख स्पष्ट है। सभी गठबंधन ने अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया है। यह विधेयक महिला आरक्षण पर नहीं, बल्कि परिसीमन पर था। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले चुनावों में 33 प्रतिशत महिलाएं चुनाव लड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि परिसीमन से पहले जाति जनगणना होनी चाहिए। सरकार का इरादा परिसीमन आयोग बनाने का है, जिसमें उनके लोग रखे जाएंगे, जैसे उन्होंने अन्य आयोगों में किया है। प्रियंका गांधी ने उदाहरण दिया कि असम और जम्मू-कश्मीर में क्या हुआ है। विपक्षी नेताओं की सीटों का विभाजन केवल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए किया गया है। ऐसे में जनता इन पर भरोसा नहीं कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्ता की साजिश के लिए लाया गया था। इस मुद्दे पर विपक्ष की एकता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है।
प्रियंका गांधी ने इस विधेयक पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने इसे केवल परिसीमन विषयक चर्चा बताया और कहा कि यह महिलाओं के हित में नहीं है।
सरकार की मंशा क्या थी?
सरकार ने इस विधेयक के माध्यम से सत्ता में बने रहने की साजिश रची थी, जैसा कि प्रियंका ने कहा।
क्या विपक्ष एकजुट हो गया है?
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब विपक्ष एकजुट होता है, तब सरकार को हराया जा सकता है।
क्या महिलाएं इस मुद्दे को समझ रही हैं?
प्रियंका का मानना है कि महिलाएं इस साजिश को समझती हैं और वे अपनी आवाज उठाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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