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अयोध्या एयरपोर्ट पर आतंकवाद से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन

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अयोध्या एयरपोर्ट पर आतंकवाद से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन

सारांश

अयोध्या एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य आतंकवादी खतरों से निपटने की तत्परता और समन्वय को मजबूत करना था। इस गतिविधि में कई प्रमुख एजेंसियों ने भाग लिया और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयारियों का प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय तत्परता की उच्च स्तर आतंकवाद से निपटने के लिए रणनीति समय पर प्रतिक्रिया का महत्व सुरक्षा तंत्र की मजबूती

लखनऊ, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या एयरपोर्ट पर शनिवार को सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए एक उच्च तीव्रता वाली काउंटर टेररिज्म मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और तत्परता को बढ़ावा देना था।

इस काउंटर टेररिज्म मॉक एक्सरसाइज (सीटीएमई) का आयोजन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा किया गया, जिसमें कई प्रमुख सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों ने भाग लिया। इस दौरान हर एजेंसी ने अपनी भूमिका निभाते हुए यह प्रदर्शित किया कि किसी भी आतंकी खतरे की स्थिति में कैसे त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।

इस अभ्यास में सीआईएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी), बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस), आतंकवाद-रोधी दस्ते (एसओजी), स्थानीय पुलिस, राज्य बीडीडीएस, एयरलाइंस स्टाफ, राज्य फायर सर्विस, मेडिकल टीम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी शामिल थे।

इस दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच संपूर्ण समन्वय देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से तैयार है। इस अभ्यास के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक परिस्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम हो और किसी भी खतरे को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके।

सीआईएसएफ ने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को और भी अधिक मजबूत बनाना है। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह देश के महत्वपूर्ण विमानन ढांचे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

सीआईएसएफ के अनुसार, सतर्कता, सटीक रणनीति और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही इन खतरों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मॉक ड्रिल का आयोजन क्यों किया गया?
मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और तत्परता को मजबूत करना था।
इस मॉक ड्रिल में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
इस मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस, एयरलाइंस स्टाफ, मेडिकल टीम और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसी कई प्रमुख एजेंसियां शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
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