हुमायूं कबीर ने टीएमसी के वीडियो पर जांच की मांग के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की
सारांश
Key Takeaways
- हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
- वीडियो में कबीर को भाजपा के पक्ष में अल्पसंख्यक वोट बांटने की बात करते हुए दिखाया गया है।
- कबीर का आरोप है कि वीडियो फर्जी है।
- टीएमसी ने कबीर को बदनाम करने के लिए वीडियो जारी किया है।
- भाजपा ने आरोपों को खारिज किया है।
कोलकाता, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने टीएमसी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो क्लिप की जांच की मांग की है। हाल ही में, कबीर ने अपना अलग राजनीतिक दल बनाया है और विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे हैं।
इस वीडियो क्लिप में कबीर को एक अनजान व्यक्ति से बातचीत करते हुए दिखाया गया है, जिसमें वह आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक वोटों को भाजपा के पक्ष में बांटने के लिए 1000 करोड़ रुपए की डील के बारे में चर्चा कर रहे थे।
कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निर्मित बताते हुए आरोप लगाया है कि टीएमसी ने जानबूझकर इसे चुनाव से पहले उन्हें बदनाम करने के लिए जारी किया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ में दायर याचिका में कबीर ने मांग की है कि इस वीडियो को बनाने और प्रसारित करने वालों की पहचान की जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
याचिका को स्वीकार कर लिया गया है और इसकी सुनवाई 22 अप्रैल को होने की उम्मीद है।
मीडिया से बातचीत में कबीर ने कहा, "हम इन सभी साजिशकर्ताओं को सबक सिखाएंगे और बताएंगे कि इस तरह की राजनीतिक साजिश के कानूनी परिणाम क्या होते हैं। हमारे वकीलों ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।"
इस वीडियो के कारण कबीर को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा है, क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कबीर और उनकी पार्टी के साथ पहले घोषित गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है।
वहीं, भाजपा ने भी तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका कबीर के साथ कोई गुप्त समझौता नहीं है। भाजपा नेता ने दावा किया कि पार्टी ऐसे व्यक्ति के साथ कभी समझौता नहीं करेगी, जो मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनाने की बात करता है।