क्या दिल्‍ली में आतिशी के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया?

Click to start listening
क्या दिल्‍ली में आतिशी के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के विवादास्पद बयान ने सियासी हलचल मचा दी है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि आतिशी ने सिख गुरु के प्रति असंवेदनशील भाषा का प्रयोग किया। इस पर फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया गया है। क्या यह मामला सियासी दरारें पैदा करेगा?

Key Takeaways

  • आतिशी के विवादास्पद बयान ने सियासी विवाद को जन्म दिया।
  • भाजपा ने मामले की फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
  • विरोध प्रदर्शन के चलते विधानसभा सत्र का समय बढ़ाया गया है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी पर सिख गुरु के खिलाफ असंवेदनशील शब्दों के प्रयोग के चलते सियासी विवाद गहरा हो गया है। इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्पष्ट किया कि आतिशी द्वारा गुरु के खिलाफ इस्तेमाल की गई कथित अपमानजनक भाषा को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और इसकी समीक्षा के लिए 15 दिनों का समय निर्धारित किया गया है।

प्रवेश वर्मा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि मौजूदा विधानसभा सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। उपराज्यपाल के अभिभाषण पर बहस पूरी करनी थी और सरकार द्वारा प्रदूषण जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा होनी थी। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयक भी इसी सत्र में पारित किए जाने थे, लेकिन इस विवाद के चलते विपक्ष इन मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि आतिशी के बयान के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है, जिससे विधानसभा सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है और अब अन्य विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया जाएगा।

इस पूरे मामले पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है। सचदेवा ने आरोप लगाया कि जिस दिन दिल्ली विधानसभा में गुरुओं को सम्मान दिया जा रहा था और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही थी, उसी दौरान विपक्ष की नेता ने अनुचित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और संभवतः आतिशी को अपनी गलती का एहसास हो गया था, इसी कारण वह अचानक सदन छोड़कर चली गईं।

वीरेंद्र सचदेवा ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। भाजपा और सिख प्रकोष्ठ मिलकर आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही आतिशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह इस मुद्दे से बचकर न निकल सकें।

वहीं, भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस पूरे मामले पर सफाई देनी चाहिए। वीडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच के बाद सच्चाई पूरी तरह सामने आ जाएगी। लवली ने दुख जताते हुए कहा कि जिस महान शख्सियत ने देश के लिए अपने परिवार तक का बलिदान दिया, उनके खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि किसी को शब्दों का सही चयन करना नहीं आता तो उसे चुप रहना चाहिए। उन्होंने इसे नक्सलवादी सोच और मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा इस मामले में केवल माफी नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।

Point of View

लेकिन इसके पीछे की सियासी बुनियाद गहरी है। ऐसे विवादों से हमें यह समझने की आवश्यकता है कि सियासत में शब्दों का महत्व कितना होता है। यह प्रकरण केवल एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

आतिशी के बयान पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया है?
भाजपा नेताओं ने आतिशी के बयान को निंदनीय बताया है और माफी की मांग की है।
क्या इस मामले की फॉरेंसिक जांच होगी?
हाँ, विधानसभा अध्यक्ष ने वीडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया है।
विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
आतिशी के विवादास्पद बयान के खिलाफ भाजपा और सिख प्रकोष्ठ के द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
Nation Press