क्या 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में 500 से अधिक साधु संतों ने शौर्य यात्रा निकाली?

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क्या 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में 500 से अधिक साधु संतों ने शौर्य यात्रा निकाली?

सारांश

गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन हो रहा है, जिसमें 500 से अधिक साधु संतों ने डाक डमरू बजाकर शौर्य यात्रा निकाली। यह पर्व 11 जनवरी तक चलेगा और इसमें विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी इस विशेष अवसर पर शामिल होंगे।

Key Takeaways

  • सोमनाथ मंदिर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन हो रहा है।
  • 500 साधु संतों ने डाक डमरू बजाकर शौर्य यात्रा निकाली।
  • यह पर्व 11 जनवरी तक चलेगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
  • यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है।

सोमनाथ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को 500 से अधिक साधु संतों ने डाक डमरू बजाते हुए शौर्य यात्रा निकाली। 'हर-हर महादेव' के उद्घोष ने सोमनाथ मंदिर में भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया।

गिरनार तीर्थस्थल से बड़ी संख्या में साधु-संत भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सोमनाथ के शंख चौक से मंदिर तक साधु-संतों की शौर्य यात्रा में डमरू की आवाज गूंज रही थी। इस अवसर पर राज्य के सामाजिक और न्याय अधिकारिता मंत्री प्रद्युम्न वाजा और सांसद राजेश चुडासमा सहित कई लोग संतों की शौर्य रैली में शामिल हुए।

इस मौके पर साधु पियुदान गढ़वी ने बताया कि यह गुजरात का एक विशेष पर्व है, जो इस समय सोमनाथ में मनाया जा रहा है। यहाँ शौर्य यात्रा निकाली गई थी और 11 जनवरी तक भजन और 'ओंकार' जाप के साथ सभी को आस्था से जोड़ने का कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि यहाँ संतों की उपस्थिति है और शौर्य गाथा का गायन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म सबसे अद्वितीय है और यह सभी को अपने साथ लेकर चलता है। हमारे जैसा धर्म कोई नहीं हो सकता।

महंत भारद्वाज नंद गिरी महाराज ने कहा कि सोमनाथ में 'मिनी कुंभ' जैसा माहौल है। यहाँ 'सोमनाथ स्वाभिमान' पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें हजारों पंडित और साधु-संत कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है। इस मंदिर पर बार-बार हमले हुए हैं, लेकिन यह मंदिर हमेशा उठ खड़ा हुआ है। वर्तमान में हिंदुत्ववादी सरकार का समय है। आज हम कह सकते हैं कि भारत 'हिंदू राष्ट्र' बनने के लिए तैयार है।

यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के एक हजार साल पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है। 11 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

Point of View

बल्कि यह भारतीय संस्कृति और धर्म की गहराई को भी दर्शाता है। प्रधानमंत्री का इस कार्यक्रम में शामिल होना इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कब मनाया जा रहा है?
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 9 जनवरी से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है।
इस पर्व में कौन-कौन से कार्यक्रम शामिल हैं?
इस पर्व में भजन, ओंकार जाप और शौर्य यात्रा जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में कब शामिल होंगे?
प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
शौर्य यात्रा में कितने साधु संत शामिल हुए?
इस शौर्य यात्रा में 500 से अधिक साधु संत शामिल हुए।
सोमनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व क्या है?
सोमनाथ मंदिर हिन्दू धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और इसे आस्था का प्रतीक माना जाता है।
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