क्या भाजपा नेताओं ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों का हमला किया?
सारांश
Key Takeaways
- लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय हुए हैं।
- भ्रष्टाचार के मामलों में भाजपा नेताओं का तीखा हमला।
- अदालत ने ट्रायल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
पटना, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरोप तय करने का आदेश दिया। इस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि लालू परिवार और भ्रष्टाचार के बीच एक गहरा रिश्ता है।
नित्यानंद राय ने कहा कि अदालत ने यह माना कि लालू परिवार पहली नजर में इस मामले में लिप्त है और अब ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने चारा घोटाला और अन्य कथित गड़बड़ियों के मामलों का भी उल्लेख किया।
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए, राय ने आरोप लगाया कि वह अपने पिता के रास्ते पर चल रहे हैं और कहा कि बिहार के मतदाताओं ने हाल के विधानसभा चुनावों में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें नकारा था।
राय ने लालू परिवार को गरीब परिवारों से कथित तौर पर ली गई ज़मीन को सार्वजनिक रूप से वापस करने की भी चुनौती दी, यह कहते हुए कि गरीबों का शोषण लालू परिवार की राजनीति का एक खास पहलू रहा है।
अदालत के निर्णय के बाद, भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने लालू प्रसाद यादव पर तीखे हमले किए।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "जैसा बोओगे, वैसा काटोगे," और कहा कि लालू प्रसाद यादव को पूर्व के भ्रष्टाचार के मामलों से सबक लेना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के लोगों से सीधे जमीन ली गई और कहा कि कानून अब अपना काम कर रहा है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने लालू प्रसाद यादव को आदतन अपराधी बताते हुए कहा कि यह आरोप लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार का परिणाम है।
आरोप तय होने के बाद, विशेष सीबीआई कोर्ट के जज विशाल गोगने ने फैसला सुनाया कि आरोपियों की तरफ से दायर डिस्चार्ज पिटीशन में कोई दम नहीं था और लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत 46 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने का निर्देश दिया।
यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब कथित तौर पर लालू परिवार के सदस्यों को ट्रांसफर की गई ज़मीन के बदले में रेलवे में नौकरियां दी गईं।
अदालत के आदेश से यह स्पष्ट है कि आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया गया है, लेकिन पूरे ट्रायल के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।